कोटद्वार। उत्तराखंड क्रांति दल की यहां हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार को जिला बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। कहा कि कोटद्वार की जनता अस्सी के दशक से जिला निर्माण की मांग कर रही है, लेकिन अब तक की सरकारें जनभावनाओं की उपेक्षा करती आ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे सभी ग्राम सभाओं में घर-घर जाकर कोटद्वार को जिला बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाकर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे।
शुक्रवार को दुर्गापुरी में आयोजित बैठक में यूकेडी के जिला अध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत ने कहा कि यूकेडी राज्य में छोटी प्रशासनिक इकाई की प्रबल पक्षधर है। जनता कोटद्वार को जिला बनाने की मांग कर रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांग को नजरअंदाज कर रही है। यूपी से सटे कोटद्वार और आसपास की तहसीलों को मिलाकर कोटद्वार जिला बनाया जाना जरूरी है। कहा कि यूकेडी के सत्ता में आते ही कोटद्वार को जिला बनाया जाएगा। यूकेडी भाबर के गांवों को नगर निगम में शामिल करने के विरोध में है। बैठक में श्रवण सिंह रावत, पुष्कर सिंह, पितृशरण जोशी, दर्शन सिंह नेगी, सुनील सेमवाल, बीना जोशी, असीमा रावत, ममता रावत, रेखा सकलानी व शिशुपाल नेगी आदि मौजूद रहे।
जिले की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। कोटद्वार जिला निर्माण की मांग को लेकर कोटद्वार बार एसोसिएशन ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। वकीलों के जिला निर्माण आंदोलन को नागरिक मंच ने अपना समर्थन किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पंत की अगुवाई में वकीलों और स्थानीय नागरिकों ने कोटद्वार तहसील में जिला निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया। पूर्व अध्यक्ष पंकज भट्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र सिंह, नागरिक मंच के महामंत्री हरीशचंद्र भदूला ने कहा कि 15 विकासखंडों वाले पौड़ी जिले में कोटद्वार के लोगों को 106 किमी की दूरी तय कर पौड़ी जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। धरना-प्रदर्शन में अधिवक्ता सुदामाराम अमोली, मुकेश कपटियाल, शोभा बहुगुणा भंडारी व प्रमोद राणा समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।
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