कोटद्वार। नगर निगम विरोध संघर्ष समिति और यूकेडी ने कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 राजस्व गांवों को नगर निगम में शामिल करने को पूरी तरह गैरकानूनी और जनभावनाओं के विपरीत बताया। कहा कि तहसील और जिला प्रशासन ने मंत्री और विधायक के दबाव में ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल कराने की संस्तुति की है। कहा कि एसडीएम और जिलाधिकारी की ओर से संस्तुति करने से पहले ग्राम पंचायतों, प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों तक को विश्वास में नहीं लिया गया। भाबर के प्रधानों ने सीमा विस्तार कर नगर निगम बनाने और 29 दिसंबर के शासनादेश को एक स्वर से नामंजूर कर दिया। कहा कि पंचायतों का कार्यकाल पूरा न होने के खिलाफ नैनीताल हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई गई है। कोर्ट का आदेश आने से पहले उन्हें कोई भी शासनादेश मंजूर नहीं होगा।
मंगलवार को उत्तराखंड क्रांति दल ने लगातार 30वें दिन कलालघाटी और नंदपुर पटवारी चौकियों में नगर निगम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर यूकेडी कार्यकर्ता और नगर निगम विरोधी ग्रामीण शासन और प्रशासन पर जमकर बरसे। यूकेडी के कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने तहसील और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि जनभावनाओं की अनदेखी कर भाबर के 73 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की संस्तुति शासन को भेजी गई। कहा कि एक बार भी एसडीएम और डीएम स्तर पर जनता की सुनवाई नहीं की हुई। उन्होंने एसडीएम और डीएम की ओर से शासन को भेजी गई सीमा विस्तार की संस्तुति को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक कदम बताया। कहा कि शहरी विकास मंत्री के अल्मोड़ा में दिए गए बयान की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानों ने कहा कि सीमा विस्तार से पूर्व जिलाधिकारी के स्तर पर जनसुनवाई होनी चाहिए थी।
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने नगर निगम संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण को फेसबुक पर जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। कहा कि इस बारे में एसडीएम के माध्यम से तहरीर दी गई है। धरना-प्रदर्शन में यूकेडी जिलाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत, पुष्कर सिंह रावत, श्रवण सिंह रावत, बीना जोशी, बालम सिंह नेगी, रेखा सकलानी, रानी डबराल, असीमा रावत, अजय रावत, नंदी देवी, सरोज देवी, जगदीश नेगी, रवींद्र नेगी, कौशल्या देवी आदि मौजूद थे।