कोटद्वार। कोटद्वार को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के कैबिनेट के फैसले का उक्रांद के पुरजोर विरोध किया है। दल का कहना है कि नगर निगम लोगों के लिए सौगात नहीं बल्कि सबसे बड़ी सजा है। उत्तराखंड क्रांति दल के दुर्गापुर स्थित कार्यालय में आयोजित जिला कार्यकारिणी बैठक में करो या मरो के नारे के साथ नगर निगम का विरोध करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में यूकेडी के केंद्रीय संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि नगर निगम बनाने का निर्णयकर राज्य सरकार ने भाबर के ग्रामीणों को बड़ी सजा देने की ठान ली है। कहा कि यह बड़ी सजा भाबर की जनता को इसलिए दी जा रही है, क्योंकि उन्होंने भाबर क्षेत्र से भाजपा के विधायक और सांसद को भारी बहुमत से विजयी बनाया और डबल इंजन की सरकार को बनाने में मदद की। कहा कि भाजपा सरकार के अंहकारपूर्ण, तानाशाही और जनविरोधी फैसले का जनता जल्द जवाब देगी। उन्होंने नगर निगम विरोधी इस आंदोलन में यूकेडी कार्यकर्ताओं से करो या मरो के नारे के साथ विरोध करने का आह्वान किया।
यूकेडी जिलाध्यक्ष जगदीपक सिंह रावत ने कहा कि 28 अक्तूबर को कौड़िया बैरियर में कार्यकर्ता राज्य सरकार की 17 वर्षों से उपेक्षा के कारण नजीबाबाद रोड के दोनों ओर कोटद्वार की गंदगी का प्राणघातक गैसों के खुले नाले में बहाने के विरोध में नाक पकड़कर प्रदर्शन करेंगे। कहा कि इन 17 वर्षों के लिए राज्य सरकारों के प्रति शर्म-शर्म करो के नारे लगाएं जाएंगे और नगर निगम का विरोध किया जाएगा। कहा कि 1 नवंबर से सिद्धबली से न्याय यात्रा दल के संरक्षक डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में निकाली जाएगी, जो सात नवंबर को कण्वाश्रम में संपन्न होगी। राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर 8 नवंबर को राज्य की जनता की खुशहाली के लिए कोटद्वार में 1001 दीए जलाएं जाएंगे। बैठक में नंदन सिंह रावत, श्रवण सिंह रावत, हरीश द्विवेदी, पुष्कर रावत, पितृशरण जोशी, मुकेश ध्यानी, आशीष गौनियाल, विनोद सुंदरियाल, बीना जोशी, देवी प्रसाद ममगाईं, असीमा रावत, गुलाब सिंह रावत, गोपाल सिंह रावत, गोपाल सिंह गुसाई, विजय कंडारी, नीलम नेगी, सुधा गौड़, गुड्डी थापा, विमला रावत, पवेत्री रावत, सरला नेेगी, भगत नेगी, विनोद चौधरी, बालम सिंह नेगी, सर्वेंद्र काला, राम सिंह चौहान, दर्शन सिंह नेगी, कैलाश चंद्र जोशी, ब्रह्मानंद भारद्वाज आदि मौजूद रहे।