यमकेश्वर। ब्लॉक के डाडामंडल क्षेत्र के ग्रामीणों को दीपावली की सौगात मिली है। ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग पर आखिरकार 21 साल बाद जेसीबी से मोटर मार्ग का कार्य फिर से शुरू हो गया है। मार्ग के चार किमी. का कार्य वन अधिनियम के कारण रूका हुआ था। मार्ग के निर्माण का कार्य शुरू होने पर क्षेत्रीय जनता में खुशी की लहर है। मोटर मार्ग बनने से ग्राम पंचूर, ठिंगाबांज, गाजसेरा, दालमीसेरा, सीला, बनसारी, हरसोली, काटल, जैरसारी, राजसेरा, माला, कांडई, कचुंडा, तिमल्याणी सहित डाडामंडल के दर्जनों गांवों को लाभ मिलेगा।
वर्ष 1996 में उत्तर प्रदेश तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने ठांगर से गाजसेरा मोटर मार्ग अंबेडकर मोटर मार्ग के नाम से स्वीकृत कराई थी, लेकिन सरकार के गिर जाने से मोटर मार्ग का कार्य नहीं हो पाया था। उत्तराखंड बनने के बाद से मोटर मार्ग के लिए सर्वे का कार्य फिर से शुरू हुआ। वर्ष 2010 में चार किमी मोटर मार्ग के लिए 98 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। इस पर कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन 900 मीटर मोटर मार्ग बनने के बाद ग्राम पंचूर में वन विभाग के पेड़ आने केे बाद आगे का कार्य बंद कर दिया गया। वर्ष 2017 में लोक निर्माण विभाग के द्वारा वन विभाग को मार्ग में आ रहे पेड़ों के कटान के लिए 2 लाख 62 हजार रुपये देने के बाद पेड़ों को काटा जा सका। मोटर मार्ग नहीं होने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को पैदल चलना पड़ता है। खासतौर से बीमार लोगों को आवागमन का सामना करना पड़ता था।
मोटर मार्ग पर फिर से कार्य शुरू होने पर ग्राम प्रधान सीला आशीष रतूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सीला महावीर सिंह, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रमोद रियाल, देवेंद्र प्रसाद, मानेंद्र बिष्ट, दिनेश बडोला और सुभाष बडोला आदि ने खुशी व्यक्त की है।