कोटद्वार। जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में लोगों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने प्राधिकरण को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में लोग तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए एसडीएम राकेश तिवारी को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि कोटद्वार-भाबर के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब जनता निवास करती है। सरकार ने बिना पूर्व तैयारी के कोटद्वार के लोगों पर विकास प्राधिकरण थोप दिया है। इसके कारण गरीब लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए प्राधिकरण के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यही नहीं, उन्हें नक्शा पास कराने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि कोटद्वार के ग्रामीण क्षेत्र में प्राधिकरण की आवश्यकता नहीं है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्राधिकरण को जनविरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख गीता नेेगी, प्रवेश रावत, प्रमोद राणा, कृष्णा बहुगुणा, मनोज सिंह रावत, अरविंद वर्मा, विपिन डोबरियाल, विकास रावत, सौरभ रावत व विरेंद्र चौधरी आदि मौजूद थे।
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