कोटद्वार। कोटद्वार और लैंसडौन समेत जिले के अन्य केंद्रों के बच्चों को मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का मौका नहीं मिल पाया। अलबत्ता पूरे डेढ़ घंटे बच्चों ने सीएम के संबोधन को ध्यान से सुना। सीएम से संवाद कार्यक्रम के लिए कोटद्वार तहसील परिसर स्थित स्वान केंद्र में व्यवस्था की गई थी। स्वान केंद्र का कक्ष इतना छोटा था कि उसमें बड़ी मुश्किल से 20 से 25 बच्चे ही आ पाए। यही हालत लैंसडौन और सतपुली केंद्रों की रही। कोटद्वार में जीजीआईसी की छात्राओं ने सीएम की बातों को ध्यान से सुना। छात्रा वंदना ने बताया कि सीएम ने देश की आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। भारत छोड़ो आंदोलन में उत्तराखंड के दो क्रांतिकारियों चकराता के केसरीचंद तथा डोईवाला के दुर्गामल्ल के योगदान की चर्चा की। सीएम ने बच्चों से आज के दिवस पर पांच संकल्प लिए, जिसमें गांव, घर को स्वच्छ रखने, जल संचय, वृक्षारोपण, नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने की बात शामिल की गई। कोटद्वार में जहां बच्चों के संग एडीएम रामजी शरण, एसडीएम कोटद्वार राकेश तिवारी और उपशिक्षाधिकारी अभिषेक शुक्ल मौजूद थे, वहीं लैंसडौन में एसडीएम एसएस सैनी भी बच्चों संग पूरे समय मौजूद रहे।