कोटद्वार। जंगली जानवरों के लगातार आबादी में घुसने और जान माल के नुकसान से नाराज सनेह पट्टी के ग्रामीणों ने लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ का घेराव किया। उन्होंने वन विभाग से गत दिवस महिला पर हमला करने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। उन्होंने जंगली जानवरों के आबादी में आने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार को संयुक्त समाज सेवी संगठन सनेह पट्टी के बैनर तले क्षेत्र के ग्रामीण डीएफओ कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से आबादी में घुस कर जान माल का नुकसान पहुंचा रहे जंगली जानवरों की रोकथाम को लेकर डीएफओ के समक्ष नाराजगी जताई। कहा कि जंगल से हाथी, गुलदार, बंदर, जंगली सुअर, नील गाय लगातार आबादी में घुस कर ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथी और गुलदार आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिसके कारण लोगों की जान पर बनी हुई है। जंगली जानवरों के डर से लोग और स्कूली बच्चे घर से बाहर निकलने में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने हाथी सुरक्षा दीवार के ऊपर सौर ऊर्जा तारबाड़ लगाने, वन क्षेत्र में जानवरों के पर्याप्त भोजन की व्यवस्था किए जाने, वन पंचायतों को अधिक अधिकार देकर ग्रामीणों के सहयोग से योजना बनाई जाने और कुछ दिन पहले महिला पर हमला करने वाले गुलदार को आदमखोर घोषित किए जाने की मांग की है।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष रतन सिंह नेगी, महानंद ध्यानी, सुल्तान सिंह रावत, हृदय राम चतुर्वेदी, दीपक पांडे, मोहन सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद, अंजू पुंडीर, जशोदा थपलियाल, गुड्डी देवी, कौशल्या रावत, यशोदा ढौंडियाल व मनोज तिवाड़ी आदि मौजूद थे।
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