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चार माह में हुई लाखों की आठ चोरियों में पुलिस के हाथ खाली

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कोटद्वार। शहर में अपराधी बेखौफ होकर एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, इससे लोग अपने को असुरक्षित महसूस करते हुए खौफजदा हैं। गत अक्तूबर से अब तक चार महीने में हुई आठ चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं होने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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बीते चार माह में चोर शहर और आसपास के क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहे। चोरों ने रतनपुर, बालासौड़, मानपुर, पदमपुर और ग्रास्टनगंज को टारगेट बनाकर चोरी की आठ वारदातों को अंजाम दिया। चोरी की लगातार हो रही घटनाओं का अभी पुलिस खुलासा भी नहीं कर पाई कि एक सप्ताह के भीतर महिलाओं से हुई टप्पेबाजी की दो घटनाओं ने लोगों को और भयभीत कर दिया। पुलिस इनके खुलासे के दावे कर अंधेरे में तीर चला रही है।
16 अक्तूबर को रतनपुर सुखरो में चोरों ने पूर्व सैनिक अनूप सिंह के बंद घर के ताले तोड़कर नकदी और जेवरात पर हाथ साफ किया था। इसके बाद 19 अक्तूबर की शाम बदमाशों ने मानपुर में एक शिक्षिका के घर के ताले तोड़ वहां रखी नकदी और जेवरात चोरी कर दिए। 19 अक्तूबर की रात ही बदमाशों ने बालासौड़ में एक और बंद घर के ताले तोड़कर वहां रखी नकदी और जेवर चुरा लिए। इसके बाद 23 अक्तूबर की शाम चोरों ने मानपुर में दो घरों के ताले तोड़कर नकदी और जेवरात पर हाथ साफ किया। एक नवंबर को चोरों ने सनेह क्षेत्र के बिशनपुर गांव में दिन दहाड़े घर के अंदर से दो लाख उड़ा लिए। 10 नवंबर को चोरों ने बालासौड़ में ही पूर्व सैनिक के घर से पांच लाख रुपये और जेवर चोरी कर लिए। नए साल के दूसरे दिन ही दो जनवरी को चोरों ने रतनपुर सुुखरो निवासी फौजी सुरेंद्र सिंह के बंद घर को खंगालकर वहां से लाखों के जेवर और सामान पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस द्वारा चोरियों का खुलासा नहीं किए जाने पर क्षेत्रीय जनता में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है।
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