कोटद्वार। बिना जनसुनवाई कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों को नगर निगम में शामिल करने के विरोध में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति और यूकेडी का असहयोग आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। नगर निगम के विरोध में ग्रामीणों ने सनेह, सुखरौ, मोटाढांक और कलालघाटी पटवारी चौकियों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक सरकार नगर निगम के आदेश को वापस नहीं लेती, तब तक लड़ाई जारी रखी जाएगी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर निगम विरोध संघर्ष समिति से जुड़े ग्रामीण अपने गांवों के पास की पटवारी चौकियों में एकत्र हुए। सनेह पट्टी के ग्रामीणों ने कुंभीचौड़ में, सुखरौ पट्टी के ग्रामीणों ने देवी मंदिर स्थित पटवारी चौकी में, मोटाढांक पदमपुर पट्टी के ग्रामीणों ने नंदपुर में और हल्दूखाता पट्टी के ग्रामीणों ने कलालघाटी पटवारी चौकी में राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी पौड़ी से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की व्यवस्था पूर्ववत रखी जाय। कहा कि नगर निगम बनने से शहर में ही व्यवस्थाएं गड़बड़ाने लगी हैं, ग्राम पंचायतें भंग की गई तो गांवों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ दुगड्डा द्वारा ग्राम पंचायतों के अभिलेख जमा करने की निंदा की। बीडीसी सदस्य राजाराम अण्थ्वाल ने कहा कि छह माह पूर्व दुगड्डा विकासखंड के लिए राज्य वित्त की धनराशि आवंटित की गई थी, लेकिन इस राशि का आवंटन नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारियों में समिति के प्रवेंद्र सिंह रावत, उपप्रधान संघ के अध्यक्ष विजय ध्यानी, महेंद्र सिंह रावत, कांति सिंह, प्रदीप नेगी, गजेंद्र तिवारी, विजय कंडारी, जगमोहन सेमवाल, पुष्कर रावत, विकास घिल्डियाल, पूजा त्यागी, धर्मेंद्र रावत, अंजू पुंडीर, सर्वेश्वरी, कन्हैयालाल, सरोजनी देवी, जगतराम बिंजोला आदि शामिल थे।
हल्दूखाता के कलालघाटी में दर्शन सिंह नेगी, माहेश्वरी रौतेला, पूनम देवी, ममता देवी, पीतांबरी देवी, वाणीविलास, पितृशरण जोशी समेत कई लोग धरने पर बैठे।