कोटद्वार। कोटद्वार के एक केबल आपरेटर ने दिल्ली की एक नेटवर्क कंपनी और उसके पार्टनर पर केबल डिजिटलाइजेशन संबंधी भारत सरकार के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेटवर्क कंपनी की मनमानी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि निर्धारित अवधि से पूर्व ही जहां उपभोक्ताओं के सेट टॉप बाक्स (एसटीबी) बंद कर दिए गए हैं, वहीं दूरदर्शन के चैनल भी बंद कर दिए गए हैं। केबल आपरेटर की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया है।
शिव केबल आपरेटर के स्वामी अजय सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वह वर्ष 2015 से केबल टीवी नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा केबल टीवी नेटवर्क का डिजिटलाइजेशन अनिवार्य करने पर उन्होंने दिल्ली की एक नेटवर्क कंपनी के एसटीबी लगाने का अनुबंध किया। इसकी एवज में उन्होंने कंपनी को 18 दिसंबर 2015 से 29 फरवरी 2016 के बीच सीएएस, एसएमएस हैंडेंड और एक हजार एसटीबी के लिए 23 लाख रुपये का भुगतान किया, लेकिन कंपनी द्वारा उन्हें कोई बिल नहीं दिया जा रहा है। भुगतान लेते वक्त कंपनी ने उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि जब वह अपने नाम से आपरेटिंग लाइसेंस ले लेंगे तो सारे एसटीबी, सीएएस, एसएमएस उनके नाम ट्रांसफर कर दिए जाएंगे, लेकिन अभी तक ये उनके नाम पर ट्रांसफर नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा उनसे एक लाख 30 हजार रुपये प्रतिमाह लिए जा रहे हैं। बिल मांगने पर कंपनी हर महीने एसटीबी बंद कर देती है। साथ ही सारे एसटीबी बंद करने की धमकी भी दी जा रही है।
अजय सिंह रावत ने बताया कि कंपनी अक्तूबर 2018 से बिना किसी पूर्व सूचना के प्रतिमाह छह हजार एसटीबी बंद कर रही है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी द्वारा उनके ऊपर 7500 बॉक्स संबंधित कंपनी के नाम पर ट्रांसफर करने के लिए अनावश्यक दबाव भी बनाया जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर कंपनी उनका डीएएस लाइसेंस रद्द करने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि फ्री टू एयर (एफटीए) के 100 चैनल के बजाय महज 50 चैनल ही दिखाए जा रहे हैं। उपजिलाधिकारी ने केबल आपरेटर को कंपनी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा कराने और ट्राई में शिकायत करने के निर्देश दिए हैं।