कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल ने बताया कि कालागढ़ की हाथीशाला में रहने वाले हाथियों के स्वास्थ्य की जांच पशु चिकित्सकों से कराई जाएगी। उधर, पौड़ी स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में टीम का गठन कर दिया है। शनिवार को मेडिकल टीम कालागढ़ पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी।
कालागढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक से कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन को अब वन्यजीवों के स्वास्थ्य की भी चिंता सताने लगी है। कालागढ़ की हाथीशाला में पांच हाथी पल रहे हैं, जिनके रखरखाव आदि का जिम्मा कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन के हवाले है। कालागढ़ की रामगंगा बांध परियोजना की राजकीय कालोनी के आवासों में वन एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी रह रहे हैं। कालोनी में बड़ी संख्या में बंदर भी हैं, जो कालोनी के साथ ही कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों के आसपास मंडराते रहते हैं। इनमें एच1, एन1, पीबी09 वायरस का संक्रमण होने का खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग के दो और कर्मचारी बुखार की चपेट में हैं, जिनके स्वास्थ्य की जांच के लिए भी वन विभाग ने आदेश जारी कर दिया हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग बुखार व जुकाम आदि की दवाई अस्पताल से ले रहे हैं।
कालागढ़ पीएचसी प्रभारी देवेंद्र प्रसाद का कहना है कि एच1एन1पीबी09 एक सक्रिय वायरस है, जो सर्दी में बहुत तेजी से फैलता है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने एक टीम का गठन कर दिया है, जो शनिवार को कालागढ़ पहुंचकर सबसे पहले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच करेगा। मृतक वन कर्मी के परिवार व आसपास रहने वालों के स्वास्थ्य की जांच भी की जाएगी। कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का कहना है कि वन विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर चिंतित है। यह एक संवेदनशील मामला है। विभाग स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है।
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