दुगड्डा। नगर पालिका परिषद ने नदियों को स्वच्छ बनाने की कमर कस ली है। पालिका बोर्ड की ओर से जैविक व अजैविक अपशिष्ट को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए वृहद कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी जीरो बेस्ट संस्था को सौंपी गई है। संस्था डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर उसे थैलो में भरकर कोटद्वार ट्रंचिंग ग्राउंड में भिजवाएगी।
नगर पालिका दुगड्डा 1964 में स्थापित की गई थी। नगर क्षेत्र के समांतर बहने वाली सिलगाड और लंगूरगाड नदी के संगम तट पर स्थित नगर पालिका में अपशिष्ट निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है, जबकि, डेढ़ वर्ग किमी. क्षेत्रफल का यह नगर चारों ओर से वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। आवासीय, व्यावसायिक, राजकीय कार्यालयों और शिक्षण सस्थानों का सृजित जैविक और अजैविक अपशिष्ट के लिये स्थान का चयन नहीं हो पाया है। ट्रंचिंग ग्राउंड न होने से नगर से प्रतिदिन एकत्र किया गया कचरा सार्वजनिक स्थान पर जमा कर दिया जाता है। जिससे राहगीरों और पर्यटको को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
दुगड्डा की एकमात्र प्राकृतिक जलधारा चूनाधारा केे निकट एकत्र किए गए अपशिष्ट से खेाह नदी में विचरण करने वाले जंगली और जलीय जीव जंतुओं के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। दशकों से दुगड्डा, सरूडा सकाली, ऐता, आमसौड और कोटद्वार क्षेत्र के लोग खोह नदी का पानी पीने के लिए प्रयोग में लाते है। डोर टू डोर जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट कलेक्शन के लिए जीरो बेस्ट संस्था को जिम्मेदारी सौपी गयी है। पालिका प्रशासन ने संस्था के साथ अनुबंध कर लिया है।
पालिका के अधिशासी अधिकारी हर्षवर्द्धन सिंह रावत ने कहा कि नवगठित बोर्ड नगर क्षेत्र के अपशिष्ट को बैग में भरकर चूनाधारा के समीप एकत्र करेगा। फिर एकत्रित कूड़े को ट्रंचिंग ग्राउंड कोटद्वार भेजा जायेगा, जिससे नगर क्षेत्र को स्वच्छ बनाये रखने व नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने में मद्द मिलेगी।