कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ ने स्थानांतरण सूची जारी न होने पर शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष प्रकट किया है। शिक्षकों ने शीघ्र स्थानांतरण एक्ट के अनुपालन में स्थानांतरण सूची जारी कर रिक्त पदों पर शत- प्रतिशत स्थानांतरण करने सहित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग उठाई।
रविवार को राजकीय इंटर कालेज लैंसडौन में जिलाध्यक्ष जयदीप रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा विभाग पर सुस्त कार्यप्रणाली अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। स्थानांतरण एक्ट लागू होने से उनमें एक उम्मीद बंधी थी, लेकिन जुलाई माह आधा व्यतीत होने के बाद भी स्थानांतरण सूची जारी नहीं की गई है। इससे शिक्षकों में रोष है।
शिक्षकों की मांगों में प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व की भांति शिथिलीकरण का प्रावधान लागू कर प्रतिवर्ष पदोन्नति सूची जारी करने, 50 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती में केवल विभागीय एलटी/प्रवक्ता को मौका देने, सातवें वेतमान के कारण उत्पन्न विसंगतियां, एरियर, छूटे हुए विषयों में काउंसलिंग कर पदोन्नति सूची जारी करने, एसीपी का लाभ, तदर्थ शिक्षकों को चयन का लाभ, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने व कोटिकरण संशोधन आदि हैं।
बैठक में जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान, लक्ष्मण सिंह रावत, राजेंद्र कुमार भंडारी, नरेंद्र सिंह नेगी, पंकज ध्यानी, मनोज काला, मुकेश रावत, रवींद्र रावत, डबल सिंह, सुनील नेगी, रतन बिष्ट, सतपाल चौहान, भवान सिंह नेगी, अब्बल सिंह रावत, आशीष खर्कवाल, रमेश बामपाल, पारितोष रावत, रतन रावत, अनूप थपलियाल, मनमोहन रौतेला व महेंद्र गुसाईं आदि ने विचार रखे।