कोटद्वार। गोमाता को खाना खिलाने का संस्कार एक बार फिर से कोटद्वार में जीवित हो उठा है। इस बार यह प्रयास श्री गीता भवन उत्सव समिति गोविंद नगर की ओर से किया गया है। दो गो-ग्रास वाहनों के जरिए नगर में करीब 500 घरों से रोजाना रसोई का ग्रीन वेस्ट (सब्जी के छिक्कल और चोकर) एकत्रित कर मुक्तिधाम स्थित गोशाला में गायों के लिए पहुंचा रहे हैं। गीता भवन के इस प्रयास को स्वच्छ भारत मिशन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
श्री गीता भवन उत्सव समिति गोविंद नगर के संयोजक राम प्रकाश शर्मा ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में गाय को भोजन कराने का संस्कार लोगों में समाप्त हो रहा है। इसी संस्कार को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ते हुए पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है। नगर के नजीबाबाद रोड, गोविंद नगर, रमेश नगर, मीट मार्केट, जौनपुर, सिद्धबली मार्ग, माल गोदाम, आमपड़ाव से दो गो-ग्रास वाहन रोजाना 500 घरों से बची हुई रोटी, सब्जियों के छिक्कल (ग्रीन वेस्ट), आटे का चोकर एकत्रित कर मुक्तिधाम स्थित गोशाला में गायों के लिए पहुंचा रहे हैं। करीब 2 कुंतल ग्रीन वेस्ट रोजाना घरों से एकत्रित होता है। अब तक 102 टन ग्रीन वेस्ट गोशाला में इस्तेमाल किया जा चुका है। यदि किसी दिन वाहन नहीं आता है तो लोग अगले दिन वाहन के न आने का कारण मालूम करते हैं। वह बताते हैं कि इसके दो फायदे हुए हैं, एक तो घरों की ग्रीन वेस्ट जो कूड़े का हिस्सा बनती थी, वह कूड़े में नहीं जा रहा है, दूसरा यह गोवंश के भोजन के रूप में काम आ रहा है। इसका धार्मिक पहलू यह है कि लोगों में गोग्रास का संस्कार भी पुनर्जीवित हो रहा है। इस अभियान को लेकर शहरवासी उत्साहित हैं। एक छोटे से प्रयास से यह स्वच्छ भारत अभियान भी बन गया है।
इस प्रयास के लिए श्रीगीता भवन उत्सव समिति के संयोजक राम प्रकाश शर्मा गत दो अक्तूबर को नगर पालिका परिषद कोटद्वार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर का पुरस्कार हासिल कर चुके हैं। इस समिति के शहर के करीब 80 सदस्य जुड़े हैं, गोग्रास एकत्र करने में हर माह करीब 17 से 18 हजार का खर्च आता है, जिसे समिति के सदस्य मिलकर वहन करते हैं।