कोटद्वार। सनेह क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना गुलदार मंगलवार की शाम ग्राम रतनपुर में वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग ने गुलदार को रेस्क्यू सेेंटर चिड़ियापुर हरिद्वार भेज दिया है।
शनिवार को गुलदार ने रामपुर गांव में राजेंद्र सिंह राणा की 40 वर्षीय पत्नी माया देवी को घर के पास खेत में मार डाला था। इसके बाद रविवार शाम को घर के बाहर बर्तन धो रही महिला ने भागकर गुलदार से अपनी जान बचाई थी। रामपुर और आसपास के गांवों में लगातार गुलदार के देखे जाने से दहशत का माहौल बना हुआ था। लोग शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर थे। सोमवार रात को गुलदार ने क्षेत्र के रतनपुर में एक गाय को मार डाला था। इससे वन विभाग ने एक पिंजरा रतनपुर में भी लगाया था।
रतनपुर में शाम सात बजे के करीब गुलदार पिंजरे में फंस गया। ग्रामीणों को तब पता चला जब पिंजरे में फंसने के बाद गुलदार ने दहाड़ मारनी शुरू की। गुलदार के पिंजरे में फंसने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। लोगों ने राहत की सांस ली।
उधर, रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया गुलदार को जंगल में छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। गुलदार को चिड़ियापुर स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। बताया कि गुलदार महिला को मारने वाला ही लग रहा हैै। बाकी जांच के बाद पता चलेगा।
गुलदार को पकड़ने के लिए कुंभीचौड़ में भी लगाया था पिंजरा
कोटद्वार। मंगलवार को वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव के निकट नहर के ऊपर के हिस्से की वन भूमि में उगी झाड़ियों को काटने का कार्य शुरू कर दिया। काशीरामपुर तल्ला और कुंभीचौड़ में गुलदार ने दो गायों को मार डाला। इसके कारण वन विभाग ने कुंभीचौड़ में भी पिंजरा लगाया था। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि वन विभाग की पहली प्राथमिकता सनेह पट्टी के ग्रामीणों की सुरक्षा है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।