कोटद्वार। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते रिखणीखाल ब्लाक के 25 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला एकमात्र रिखणीखाल-छानीखाल मोटर मार्ग बदहाल है। तीन साल पूर्व सड़क के लिए करीब एक करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत होने के बाद भी मार्ग खस्ता हाल है। आलम यह है कि सड़क पर पड़े गड्ढों पर चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह टूटे पुस्ते दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। हजारों की आबादी खतरे की जद में सड़क पर हिचकोले खाने को मजबूर है।
रिखणीखाल की 25 ग्राम पंचायतों को सड़क से जोड़ने के लिए सरकार की ओर से रिखणीखाल-छानीखाल मोटर मार्ग का निर्माण किया गया था। रिखणीखाल से पांच किमी तक मोटर मार्ग लोक निर्माण विभाग लैंसडौन देखता है और उसके आगे नौ किमी तक का मार्ग विश्व बैंक प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग पौड़ी के जिम्मे है। वर्ष 2008 में मार्ग पर डामरीकरण का कार्य किया गया था, लेकिन उसके बाद विभागों ने सड़क की ओर मुड़कर नहीं देखा। विभागीय अनदेेखी के कारण मार्ग बदहाल होता चला गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर वर्ष 2014 में मार्ग पर टूटे पुस्तों के निर्माण और डामरीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति की गई, लेकिन विभाग उन पैसों से आधा अधूरे पुस्ते बनाकर चलता बना।
समाजसेवी अनिल रावत, ग्राम प्रधान सिलेड़ी रमेश रावत, ग्राम प्रधान सुंद्रोली हुकुम सिंह रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी ने लोक निर्माण विभाग पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पिछले तीन वर्षों से मार्ग पर गड्ढे पड़े हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत की गई। यहां तक कि बीडीसी बैठकों में सड़क का मामला उठाया गया, लेकिन सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।
उधर, लोक निर्माण विभाग लैंसडौन के सहायक अभियंता पीके सुयाल ने माना कि मार्ग बदहाल है। इसकी मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बजट आते ही मार्ग पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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