कोटद्वार। नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग कोटद्वार में खस्ताहाल है। सड़कों पर पड़े गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। लालबत्ती चौक पर सड़क को चौड़ा तो कर दिया गया है, लेकिन उस पर पड़ी रोड़ी, पत्थर और गड्ढे जस के तस हैं।
कोटद्वार गढ़वाल का प्रवेश द्वार है। कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर तक जाने वाला नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 के नाम से जाना जाता है, लेकिन यह कोटद्वार शहर में बदतर हालात में है। कोटद्वार में यूपी-उत्तराखंड बार्डर पर स्थित कौड़िया चेक पोस्ट से यह सड़क एनएच खंड धुमाकोट के अधीन है। कौड़िया से ही सड़क की दुर्दशा बनी हुई है। सड़कों पर फैला अतिक्रमण, इस पर सजी दुकानें तो अलग समस्या है, लेकिन जो सड़क वजूद में भी है, उस पर भी गड्ढे इतने हैं कि चलना मुश्किल है।
नागरिक मंच के पूर्व महासचिव हरीश भदूला कहते हैं कि शहर के लालबत्ती चौक को कोटद्वार की हृदयस्थली कहा जाता है। यहां पर यातायात कंट्रोल के नाम पर चौराहे को बंद कर इसका चौड़ीकरण का काम पिछले एक साल से चल रहा है। जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। पदमपुर सुखरो के मनोज रावत का कहना है कि उखड़ी और उबड़खाबड़ सड़क दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बनी है। इस मार्ग पर डिवाइडर लगाकर ट्रैफिक को यू टर्न के जरिए डायवर्ट किया गया है। डिवाइडर के दोनों यू टर्न पर सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं। यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और लोनिवि का एनएच खंड धुमाकोट चुप्पी साधे बैठा है।
कोटद्वार शहर में कौड़िया से सिद्धबली के पास लोनिवि के गोदाम तक सड़क का डामरीकरण प्रस्तावित है। जल्द ही सड़क की मरम्मत कर डामरीकरण कर दिया जाएगा।
-अरविंद जोशी, अपर सहायक अभियंता एनएच खंड धुमाकोट।
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