कोटद्वार। करीब महीनेभर से लोकसभा चुनाव की तैैयारी में जुटे कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने शुक्रवार को चुनावी खुमारी उतारी। कोटद्वार के अधिकतर सरकारी विभागों में छुट्टी का माहौल रहा। तहसील सहित कई दफ्तरों पर ताले लटके मिले। इससे काम से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। चुनावी भागदौड़ में रहे राजनेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शुक्रवार को पूरे दिन आराम किया।
शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों में इक्का-दुक्का अधिकारी और कर्मचारी देखने को मिले। अधिकतर विभागों के अधिकारी और कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगे होने के कारण जहां शुक्रवार को पौड़ी जिला मुख्यालय में रहे, वहीं अधिकतर कर्मचारी और अधिकारी चुनावी माहौल के चलते सेकंड सटरडे से एक दिन पहले ही दफ्तरों से नदारद हो गए। काम से दफ्तरों में गए लोगों को अधिकारियों की चुनाव ड्यूटी बताई गई। कोटद्वार तहसील में शुक्रवार को ताले लटके रहे। कोषागार भवन में भी वीरानी छाई रही। सब रजिस्ट्रार दफ्तर में मात्र तीन कर्मचारी उपस्थित रहे। राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी वीरानी का आलम रहा। कांग्रेस के दफ्तर में चार-पांच लोग बैठे मिले, वहीं भाजपा के कैंप कार्यालय में भी तीन-चार कार्यकर्ता बैठे मिले।
निंबूचौड़ निवासी विनोद सिंह का कहना है कि वह किसी काम से तहसील आए थे, लेकिन तहसील में ताले लटके होने के कारण बैरंग लौटना पड़ रहा है। भाजपा के जिला महामंत्री वीरेंद्र रावत का कहना है कि शुक्रवार को ज्यादातर लोगों ने चुनावी खुमारी उतारी और घरों में ही आराम किया।
शुक्रवार को तहसील के समस्त स्टाफ की ड्यूटी पौड़ी निर्वाचन कार्य में लगी रही। इसके चलते तहसील दफ्तर बंद रहा। अन्य सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारियों की उपस्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
-मनीष कुमार सिंह, एसडीएम कोटद्वार।
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