कोटद्वार। रिखणीखाल विकासखंड में सन 1957 में बना राजकीय प्राथमिक विद्यालय कर्तिया जर्जरहाल है। भवन की हालत को देखते हुए यहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक को स्कूल भवन की दशा सुधारने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि स्कूल में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। जल्द ही भवन का निर्माण या फिर दूसरे भवन की व्यवस्था नहीं हुई तो वे प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराने को मजबूर होंगे।
कर्तिया स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में 46 छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। विद्यालय का भवन सन 1957 में बना था, जिसमें चार कमरे और बरामदा था। भारी बारिश और आपदा में कई बार भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। वर्ष 2005-06 में भवन की मरम्मत के लिए 3.78 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन तब जनप्रतिनिधियों की खींचतान के कारण यह धनराशि उपयोग में नहीं लाई जा सकी। पिछले पांच साल से बच्चों की पढ़ाई जर्जरहाल भवन में हो रही है। भारी बारिश होने पर स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।
अभिभावक विनीता देवी, सुषमा देवी, नीमा देवी, पूरण सिंह, राजेंद्र प्रसाद, सुनीता देवी, गोदांबरी देवी, रीना देवी, सुलोचना देवी, आरती देवी, चंद्रमा देवी, ध्यान सिंह, सतेंद्र सिंह व कमल सिंह का कहना है कि जर्जरहाल विद्यालय में बच्चों को पढ़ाना जोखिमभरा है। जल्द ही शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान नहीं देगा तो वे गांव में संचालित प्राइवेट विद्यालय में बच्चों को भर्ती करा देंगे। प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने बताया कि विद्यालय भवन काफी जर्जरहाल है। उच्चाधिकारियों को विद्यालय की स्थिति के बारे में लिखित सूचना दी गई है। भारी बारिश में बच्चों की छुट्टी करानी पड़ती है।
विद्यालय में नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव अधिकारियों को भेजा जा रहा है। -विनोद शंकर सुंद्रियाल उपशिक्षा अधिकारी