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आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म हो, काम के घंटे तय हो

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कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व, लैंसडौन वन प्रभाग और लैंसडौन भूमि संरक्षण विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिक, संविदा और आउटसोर्सेज श्रमिक संघ की बैठक में अधिकारियों के न पहुंचने पर सदस्यों ने गहरा रोष जताया। इस मौके पर आउटसोर्स व्यवस्था को खत्म करने के साथ ही संघ की 14 सूत्री मांगों के निराकरण की मांग को लेकर विभाग को अल्टीमेटम दिया गया।
पनियाली स्थित रेंज कार्यालय सभागार में हुई बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष हर्षमोहन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। विभाग के शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों की पहले भी यही स्थिति थी, लेकिन उन्होंने अपने अच्छे कार्यों के बलबूते सरकार को उनका संज्ञान लेने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर तीनों प्रभागों के श्रमिकों ने संगठन के पदाधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और संगठन के 14 सूत्री मांग पत्र पर सहमति जताते हुए इनके निराकरण की मांग की गई।
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के कहने पर उन्होंने अपनी मांगों के संबंध में तीनों विभागों के उच्चाधिकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित भी किया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बैठक में आने की जहमत नहीं उठाई। इस पर सभी ने विभागीय अधिकारियों के प्रति गहरा रोष जताया। बैठक में एक स्वर से आउटसोर्स व्यवस्था को खत्म करने की मांग उठाई गई। कहा गया कि कर्मचारियों को न तो समय पर वेतन मिल पा रहा है और न ही कार्य के घंटे तय हैं। बावजूद इसके, कर्मचारियों को न तो बीमा का लाभ दिया जा रहा है और न ही ईपीएफ समेत अन्य सुविधाएं। यहां तक कि कर्मचारियों को पहचान पत्र तक निर्गत नहीं किए गए हैं।
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बैठक में कर्मचारी संयुक्त परिषद के संयोजक नरेश सिंह, भारत सिंह, मंच के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष नरेश बहुखंडी, उपाध्यक्ष मुकेश सिंह, सुभाष कुमार, सत्यनारायण, त्रिलोक चंद्र पोखरियाल व महेंद्र सिंह आदि ने विचार रखे।

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