सतपुली। नगर निकाय चुनाव के लिए बहुप्रतीक्षित आरक्षण का जिन्न बोतल से बाहर आते ही सतपुली नगर पंचायत में अध्यक्ष एवं सभासद बनने का मंसूबा पाले अनेक राजनीतिक सूरमाओं का गणित गड़बड़ा गया है। सतपुली नगर पंचायत अध्यक्ष पद महिला आरक्षित होने से सत्तारूढ़ भाजपा व कांग्रेस से जुड़े अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं समेत नगर पंचायत अध्यक्ष बनने का सपना संजोए कई दावेदारों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। इन दावेदारों एवं उनके समर्थकों में एक ओर जहां घोर निराशा है, वहीं दूसरी ओर राजनीति का ककहरा भी न जानने वाली अनेक महिलाओं को अचानक चुनाव लड़ने का मौका मिलने से उनके चेहरे खिले हुए हैं। नगर विकास विभाग द्वारा जारी अंतिम अधिसूचना में सतपुली नगर पंचायत अध्यक्ष का पद जहां महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। वहीं वार्ड 1 को महिला अनुसूचित, वार्ड 2 और 3 को अनारक्षित एवं वार्ड 4 को महिला के लिए आरक्षित किया गया है। अध्यक्ष पद महिला आरक्षित होने से पिछले लंबे समय से इस पर काबिज होने के जोड़-तोड़ में जुटे अनेक दावेदार पूरी तरह धराशायी हो गए हैं। हालांकि अभी आरक्षण पर आपत्तियों का निस्तारण होना बाकी है, लेकिन आरक्षण के फार्मूले में अधिक मीन-मेख की गुंजाइश न होने से प्रस्तावित आरक्षण पर ही निकाय चुनाव होने संभावित हैं। ऐसे में मौके की नजाकत को भांपते हुए आरक्षण की जद में आए अनेक दावेदारों ने पत्नियों और परिवार की महिलाओं को आगे कर इन पदों को अपने से बाहर न जाने देने के लिए समीकरण बैठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं अचानक खुली महिला आरक्षण की लॉटरी से कई अनजान एवं राजनीतिक रूप से नौसिखिए चेहरों ने अध्यक्ष और सभासद के पदों पर ताल ठोक दी है।