कालागढ़/कोटद्वार। कालागढ़ में रामगंगा बांध और सैडिल बांध के रास्तों पर हाथी के धमकने से हाथी मानव संघर्ष का खतरा पैदा हो गया है। इसके कारण क्षेत्रवासी और बांध कर्मी अब इन मार्गों पर जाने से अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राहगीरों ने वन विभाग से रास्तों पर गश्ती दलों के मौजूद रहने की मांग की है।
रविवार सुबह रामगंगा बांध को जाने वाले मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब मार्ग से गुजर रहे वाहनों के आगे जंगल से निकलकर एक टस्कर हाथी धमक गया। हाथी को देखते ही लोगों के होश उड़ गए। उन्होंने आनन फानन में कारों को बैक कर किसी प्रकार हाथी से दूरी बनाई। करीब आधा घंटा मार्ग पर खड़ा रहने के बाद हाथी जंगल की ओर गया। हाथी के जंगल जाने के बाद मार्ग यातायात के लिए खुल पाया।
बांध सुरक्षा विभाग के ईई शेर सिंह ने बताया कि अक्सर शेरनाला नंबर एक व दो, शहीद स्मारक, सैडिल बांध मार्ग के वैकल्पिक पावर हाउस मार्ग पर स्रोत के पुल के निकट और मीरास्रोत पर अक्सर हाथी सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग का प्रयोग करने वाले वाहनों और बांध के कर्मचारियों के लिए खतरा बना हुआ है। इस बारे में वन विभाग को कई बार सूचित करने के बाद भी लोगों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
उधर, रेंजर आरके भट्ट का कहना है कि वन्य जीव बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां जानवर आ जाते हैं। मार्ग पर गश्ती दलों को सचेत कर दिया गया है।
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