बीरोंखाल ब्लाक के घोड़पाला मल्ला से कांडा तल्ला तक बनी कांडा तल्ला ग्राम समूह पेयजल योजना 23 फरवरी को भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पड़ी है। ऐसे में इस योजना से लाभान्वित आठ गांवों में पेयजल का संकट बना है। ग्रामीणों ने जलसंस्थान से आपदा राहत कोष से इस योजना के पुनर्निर्माण की मांग की।
सरिता देवी ने बताया कि 23 फरवरी को क्षेत्र में हुई तेज बारिश के चलते घोड़पाला मल्ला में पहाड़ी दरकने से घोड़पाला मल्ला से कांडा तल्ला तक बनी ग्राम समूह पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। जिस स्थान से पाइप लाइन टूटी है वहां पर बेल्डिंग मशीन ले जाने में भी खतरा है। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्राम कांडा तल्ला, कुलस्याल, मरखोला, धौलाण, मरखौला हरिजनवस्ती, गोदिया, सागियों, बाड़ियों में जलआपूर्ति ठप पड़ी है। आठ गांवों के 200 परिवार 5 किमी. दूर दुनाव और गैडागाड से गाड़ियों में पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीण डा. प्रेम सिंह नेगी, दिनकर पोखरियाल, सुनीता देवी, सुषमा देवी, भुवनेश्वर प्रसाद पोखरियाल, वेदप्रकाश कुलाश्री, सत्यप्रकाश कुलाश्री, भगतराम, वीरेंद्र पोखरियाल, गिरीश चंद्र आदि कहा कि जल संस्थान और जल निगम की ओर से गांवों के लिए तीन योजनाएं भरपूर पेयजल योजना, बुल्डियौ पेयजल योजना, और घोड़पाला पेयजल योजना बनाई गई हैं, लेकिन विभागीय अनदेखी और लापरवाही के चलते ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। 30 साल पुरानी कांडा तल्ला ग्राम समूह और भरपूर पेयजल योजना से पानी नहीं मिल पा रहा है।
कोट
जल संस्थान पौड़ी के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने कहा कि मामले में अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच के लिए संबंधित जेई को मौके पर भेजा जाएगा और पेयजल लाइनों की मरम्मत कराकर पेयजल की आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।