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एससी/एसटी एक्ट पर भड़के यूकेडी कार्यकर्ता, धरना-प्रदर्शन

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कोटद्वार/यमकेश्वर। उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को एससी/एसटी एक्ट के विरोध में तहसील में सांकेतिक धरना दिया। इस मौके पर एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने और उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पूरे उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित कर 27 फीसदी आरक्षण के प्रावधान की मांग की गई।
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बुधवार को उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए सांकेतिक धरना दिया। धरने के बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि यूकेडी एससी/एसटी एक्ट को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्णय का दल स्वागत करती है। लेकिन दल केंद्र सरकार के उस बिल का पुरजोर विरोध करता है, जिसमें बिना जांच के जातीय आधार पर किसी को भी गिरफ्तार करने की व्यवस्था है। कहा कि सूबे की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते लगातार पलायन हो रहा है। पूर्व में पर्वतीय क्षेत्र के बच्चों के लिए तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा और नौकरी में तीन फीसदी आरक्षण की व्यवस्था थी, जिसे उत्तराखंड राज्य बनने के बाद समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर एससी/एसटी एक्ट को समाप्त करने के साथ ही पूरे उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित कर 27 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में जिला महामंत्री जगदीपक सिंह रावत, संगठन प्रभारी महेंद्र सिंह रावत, जिला महामंत्री पुष्कर सिंह, श्रवण सिंह रावत, केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य पितृशरण जोशी, तेजेंद्र सिंह रावत, आशीष गौनियाल, ब्रह्मानंद भारद्वाज व पंकज आदि मौजूद रहे। उधर, यमकेश्वर में एससी/एसटी एक्ट के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
बुधवार को उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता शांति प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे, यहां उन्होंने एससी/एसटी एक्ट के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। केंद्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि सनातन की बात करने वाली केंद्र की भाजपा सरकार हिंदू समाज को जातियों में बांटने का कार्य कर रही है। विद्वेष की भावना फैलाने वाले इस एक्ट को लेकर पूरे देश में जन आक्रोश पैदा हो गया है। प्रदर्शन करने वालों में विधानसभा प्रभारी सीपी भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र राणा, जिला महामंत्री आशीष रतूड़ी, वरिष्ठ नेता महिपाल सिंह पयाल, क्रांति कपरवाण, अखिल केष्टवाल, गंगा रतूड़ी, विकास बड़ोला, प्रदीप बड़ोला, कैलाश चंद्र आदि शामिल रहे।
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