दुगड्डा। हनुमंती के निकट मांडई गांव में वज्रपात से मकान का लेंटर और दीवार क्षतिग्रस्त हो गया और विद्युत उपकरण फुंक गए। घटना के दौरान रसोई में भोजन बना रही महिला बाल-बाल बची। घटना से ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने ऊर्जा निगम से मुआवजे की मांग की है।
सोमवार को अपराह्न तीन बजे ग्राम पंचायत उमथगांव के मांडई गांव निवासी दिनेश चंद्र की पत्नी चंद्रकला देवी अपनी रसोई में दिन का खाना बना रही थी। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। तभी अचानक तेज आवाज हुई और भवन टूटने की आवाज आने लगी। इससे पहले महिला अपनी जगह हिल पाती, छत का लेंटर टूटने के बाद कमरे की दीवार पर भी दरारें आ गईं। महिला बदहवास अवस्था में चिल्लाते हुए बाहर की ओर दौड़ पड़ी। कुछ देर बार बारिश शांत होने पर परिजनों ने घर के अंदर देखा तो उनके मकान की छत और दीवार टूट चुकी थी। उन्होंने विद्युत उपकरण शुरू करने की कोशिश की, लेकिन वे फुंक चुके थे। उनके भवन में लगे पांच पंखे विद्युत मीटर सहित अनेक उपकरण जल गए। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। किस्मत अच्छी रही कि महिला करंट की चपेट में नहीं आई। वज्रपात की घटना के बाद से महिला घबराई हुई है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी ऊर्जा निगम के अधिकारियों को दे दी है।
इस संबंध में यूपीसीएल के अवर अभियंता कमल रावत ने बताया कि वज्रपात एक प्राकृतिक आपदा है। विद्युत संबंधी दुर्घटना से सुरक्षा के लिए भवन निर्माण के दौरान अर्थिंग करानी जरूरी है।
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