कोटद्वार। नगर निगम बनते ही शहरवासियों को जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्रों के लिए भटकना पड़ रहा है। इस सुविधा के लिए पहले से बने केंद्र पर नगर निगम की ओर से पर्चा लिखकर चस्पा कर दिया गया है कि डीएम के अगले आदेश का इंतजार करें।
नगर पालिका को भंगकर नगर निगम की अधिसूचना जारी हुए सप्ताहभर होने को है, लेकिन नगर निगम दफ्तर में सक्षम अधिकारी की तैनाती न होने से जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य जरूरी कार्यों के लिए बने केंद्र पर सन्नाटा है। निगम कर्मी प्रशासन का दायित्व संभाले जिलाधिकारी पौड़ी के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनके सामने समस्या यह हे कि वे पंजीकरण तो कर लें, लेकिन प्रमाणपत्र नगर निगम का कैसे दें। नगर निगम बनने के बाद अधिकारियों ने नगर पालिका के दफ्तर पर नगर निगम का बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली।
प्रशासक का कार्यभार संभालने के बाद जिलाधिकारी पौड़ी सुशील कुमार एक दिन ताबड़तोड़ बैठक लेकर पौड़ी लौट गए हैं। एक सप्ताह से हर रोज नगरवासी अपने जरूरी कार्यों से नगर निगम के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सक्षम अधिकारी के न होने से उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि निगम बनने से उनके प्रमाणपत्र बनने बंद क्यों हो गए हैं। बृहस्पतिवार को भी निगम दफ्तर में यहीं हाल रहा।
लकड़ी पड़ाव निवासी इकराम खान, मो. साहिल, रमेश सिंह, प्रशांत शर्मा ने कहा कि वे तीन दिन से निगम के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें बाद में आने के लिए कहा जा रहा है, जबकि उन्हें जरूरी काम के लिए प्रमाण-पत्रों की आवश्यकता है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों का बना है। नगर निगम की अधिसूचना के बाद स्वजल की ओर से बनवाए गए शौचालय निर्माण का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
उपजिलाधिकारी कोटद्वार राकेश तिवारी ने बताया कि समस्याएं उनके संज्ञान में आई हैं, जिन्हें जिलाधिकारी को बता दिया गया है। जल्द ही नगर निगम में सक्षम अधिकारियों की तैनाती हो जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से शासन के संज्ञान में ये समस्याएं लाई गई हैं।
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