कोटद्वार। कोटद्वार नगर पालिका को नगर निगम में तब्दील करने और ग्रामीण क्षेत्रों को सीमा विस्तार में शामिल करने के फैसले के विरोध में काशीरामपुर के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और वन मंत्री के विरोध में नारेबाजी की। कहा कि जनता जिला निर्माण करने समेत अन्य विकास योजनाओं के निर्माण की मांग कर रही है। इसके उलट उन पर नगर निगम थोप दिया गया है। ग्रामीणों ने काशीरामपुर ग्राम पंचायत को नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया है।
काशीरामपुर निवासी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, गब्बर सिंह रावत व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलवंत सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 1950 में बनी कोटद्वार नगर पालिका की स्थिति सफाई को लेकर बहुत दयनीय रही है। नगर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इसके निस्तारण की व्यवस्था नगर पालिका के पास नहीं है। इसके चलते नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कहा कि पालिका के पास कूड़ा निस्तारण का स्थान न होने के चलते ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया गया है। कोटद्वार नगर पालिका का यह हाल देखकर ग्राम पंचायत काशीरामपुर को नगर निगम में शामिल करने का विरोध किया जाएगा। नगर निगम बनने के बाद लोगों पर टैक्स का बोझ डाल दिया जाएगा, जिसका पूर्ण रूप से विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर धन सिंह गुसाईं, प्रदीप नेगी, विपेंद्र सिंह नेगी, राजे सिंह रावत, संजय रावत, अजय देवराड़ी व मनोज नेगी आदि मौजूद थे।