कोटद्वार। ग्राम पंचायत सिमलचौड़ में विकास कार्य ठप पड़ने और तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए तहसील में प्रदर्शन करते हुए मामले की जांच कराने और ग्राम पंचायत अधिकारी के तबादले की मांग की।
मंगलवार को ग्राम पंचायत के उपप्रधान चांद कुमार के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील में एकत्र हुए। उन्होंने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर वक्ताओं ने ग्राम प्रधान पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के मोहरे की तरह काम करने का आरोप लगाया। कहा कि विगत तीन वर्षों से ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में दोनों की मिलीभगत से अनियमितताएं बरती गई हैं। उन्होंने विगत तीन वर्षों में बने सीसी मार्ग, नाली निर्माण कार्य, भुगतान व उपस्थिति में घोटाला, साप्ताहिक बाजार से वसूली, खडंजों की जांच और ग्राम पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा करने और चेकडैम निर्माण में भी धांधली करने का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के तबादले की मांग की। उन्होंने तीन सप्ताह के अंदर ऐसा न होने पर सिमलचौड़ में भाबर मुख्य मार्ग पर जाम लगाने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर भारत सिंह, धर्मपाल सिंह, सरतलाल आर्य, जगेंद्र रौथाण, प्रकाश सैनी, सुशील कुमार, यशोदा देवी, संगीता गुसाईं, विमला कंडारी, बबीता भंडारी, अर्चना शाह, मंजू बिष्ट और कांति देवी आदि मौजूद थे।