दुगड्डा। भटिंडा (पंजाब) से पहुंचे पौखाल के 18 प्रवासियों को जीएमओयू का ड्राइवर दुगड्डा में उतारकर चलता बना। बीच रास्ते में छोड़े जाने से प्रवासी खासे परेशान रहे। बाद में पुलिस ने जीएमओयू की दूसरी बस में बैठाकर कुछ प्रवासियों को पौखाल के लिए रवाना किए। कुछ खुद टैक्सी बुक कर घरों के लिए रवाना हुए।
पौखाल क्षेत्र के मुंडगांव निवासी चंद्रभान, स्यालकंडी निवासी सुमन सिंह, महेश चंद्र, महाबगढ़ निवासी सौरभ ने बताया कि लॉकडाउन के चलते वे भटिंडा में फंस गए थे। उन्होंने गांव आने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर आवेदन किया था। उन्हें बीती 16 मई को भटिंडा से देहरादून लाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद शासन की ओर से उन्हें इसके अगले दिन बसों से पौड़ी लाया गया। जहां फिर से स्वास्थ्य जांच के बाद दुगड्डा ब्लॉक के पौखाल क्षेत्र के 18 लोगों को सोमवार को जीएमओयू की बस से रवाना किया गया, लेकिन बस ड्राइवर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय दुगड्डा में छोड़ गया।
मिन्नतों के बावजूद ड्राइवर ने उनकी नहीं सुनी। दोपहर तीन बजे सभी प्रवासी घर जाने के लिए दुगड्डा में भटकते रहे। जिनके पास पैसे थे, वे टैक्सियां बुक कर अपने घर को चल दिए, लेकिन जिनके पास पैसे नहीं थे, वे देर तक परेशान रहे। बाद में दुगड्डा चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने दूसरी बस की व्यवस्था कर इन लोगों को घर भेजा।