कोटद्वार। संयुक्त समाजसेवी संगठन सनेह पट्टी की शुक्रवार को हुई बैठक में क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की गई। इस मौके पर खोह नदी में हो रहे अवैध खनन से सनेह पट्टी को जोड़ने वाले पुलों को खतरा उत्पन्न होने पर भी चिंता जताई गई। संबंधित विभागों से समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।
शुक्रवार को कुंभीचौड़ स्थित रामलीला मंच में संगठन के अध्यक्ष महानंद ध्यानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने ग्रास्टनगंज में आयुर्वेदिक पौधशाला के लिए आवंटित भूमि पर मुर्गीपालन होने और चाय की दुकानें खुलने पर गहरा रोष जताया। इस मौके पर आवंटित भूमि पर उद्देश्यों के अनुरूप आयुर्वेदिक पौधों का उत्पादन शुरू करने की मांग की गई। उन्होेंने कहा कि पूर्वी खोह नहर बरसात से जहां जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी, वहीं नहर मलबे से पटी हुई है। कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी क्षेत्रीय पार्षदों के घर के निकट सफाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं, जिससे नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जंगल से लगे होने के बाद भी ग्रास्टनगंज वार्ड में स्ट्रीट लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं। क्षेत्र में हाथियों की दहशत है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के बावजूद नाथूपुर, बिशनपुर क्षेत्र में दिनभर में एक बार पेयजल आपूर्ति होने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
इस मौके पर संबंधित विभागों से समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेते हुए समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। बैठक में रतन सिंह नेगी, प्रदीप बलूनी, विमल बड़थ्वाल, अनुसूया प्रसाद सेमवाल, चंद्रमणि देवरानी, मोहन सिंह रावत, ओमप्रकाश बहुखंडी व हरीश चंद्र भदोला आदि ने विचार रखे।