कोटद्वार। यमकेश्वर विकासखंड के डाडामंडल क्षेत्र में स्थित किमसार ग्राम पंचायत में कई दिन से लोगों की रातें अंधेरे में कट रही हैं। गांव में लगा ट्रांसफार्मर फुंकने से एक पखवाड़े से गांव में विद्युत आपूर्ति चरमराई हुई है। ग्रामीणों की ओर से गांव में पेयजल के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर से की गई वैकल्पिक व्यवस्था से काम नहीं चल पा रहा है। इससे लोगों में आक्रोश है। तीन ओर से घने जंगलों से घिरे ग्रामीण अंचल में दिन ढलते ही वन्यजीवों का खतरा भी बना रहता है।
किमसार निवासी पूर्व प्रधान डबल सिंह, ग्रामीण हर्षवर्धन कंडवाल, राकेश सिंह और जगमोहन सिंह का कहना है कि डाडामंडल क्षेत्र की न्याय पंचायत मुख्यालय किमसार में करीब पखवाड़ेभर से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। गांव में लगा ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद विभाग ने यहां दूसरा ट्रांसफार्मर भिजवाया, वह भी खराब हो गया। ऊर्जा निगम ने यहां पर ग्रामीणों द्वारा पेयजल के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर से विद्युत व्यवस्था बहाल की, लेकिन लोड न ले पाने के कारण रात को बिजली बाधित हो जाती है। दो सप्ताह से गांव में बिजली की आंख मिचौली चल रही है। एक सप्ताह से गांव में पूरी तरह से अंधेरा पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन तो किसी तरह गुजर जाता है, लेकिन रात को वन्यजीवों का आतंक बना रहता है। तीन ओर से जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में दिन ढलते ही जंगली जानवरों का खतरा पैदा हो जाता है। पूर्व में इस इलाके में गुलदार के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्रवासियों ने यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी को भी बिजली की समस्या बताई थी, तब ऊर्जा निगम ने ट्रांसफार्मर तो भिजवाया, लेकिन वह भी खराब पड़ा है।
गांव में ट्रांसफार्मर भिजवा दिया गया है। जल्द ही उसे जोड़ने के लिए स्टाफ भेजा जाएगा। क्षेत्र के जेई को इसके लिए निर्देशित किया गया है। -रघुराज सिंह ईई, ऊर्जा निगम कोटद्वार