कोटद्वार। कोटद्वार में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के प्रयासों को रेहड़ी, ठेली वाले और दुकानदार परवान नहीं चढ़ने दे रहे हैं। शहर की हर सड़क पर लोग जाम झेलने को मजबूर हैं। स्टेशन रोड और गोखले मार्ग तो जाम के पर्याय ही बन गए हैं। आए दिन अतिक्रमण हटाने के नाम पर चल रहे पुलिस प्रशासन के अभियान भी महज खानापूर्ति साबित हो रहे हैं।
कोटद्वार गढ़वाल का एक मात्र ऐसा शहर है, जहां पर रोडवेज, जीएमओयू और रेलवे स्टेशन आमने-सामने पड़ते हैं। ऐसे में स्टेशन रोड पर हर वक्त यातायात का दबाव बना रहता है। यात्रियों को सामान बेचने के लिए यहां पर पूरे दिन रेहड़ी और ठेलियों का जमघट लगा रहता है। दुकानदार भी यहां पूरी सड़क को घेरे रहते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जाम का खामियाजा यहां से गुजरने वाले लोगों, यात्रियों और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। नागरिक मंच के अध्यक्ष विनोद कुकरेती, जानकी प्रसाद धस्माना, राजगौरव, आकाश फूल, अंबर कुमार व रवींद्र कुमार का कहना है कि स्टेशन रोड से आवाजाही करने का सीधा मतलब जाम से दो चार होना है।
शनिवार को जाम में फंसे सोनू कुमार, रोहित लखेड़ा, पंकज पसबोला, जगवीर सिंह व राजेंद्र कुमार का कहना है कि रेहड़ी, ठेली वालों में चार कदम पर मौजूद बाजार चौकी का भी खौफ नहीं है। ठेली वाले दबंगई करते हुए सड़क के बीच में ठेलियां लगाकर सामान बेच रहे हैं।
बाजार में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हर रोज चालान काटे जा रहे हैं। जिन दुकानदारों के सामने वाहन खड़े होकर जाम लगा रहे हैं, उन्हें भी नोटिस थमाए जा रहे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में हर नागरिक, व्यापारी व वाहन चालक को सहयोग देना होगा।
-मनोज मैनवाल, ट्रैफिक इंस्पेक्टर कोटद्वार
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