कोटद्वार। क्षेत्र पंचायत द्वारीखाल की त्रैमासिक बीडीसी बैठक में समाज कल्याण, सड़क और सिंचाई से जुड़ी समस्याएं छाई रहीं। जल निगम, शिक्षा विभाग, उरेडा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के गैरहाजिर रहने से उनसे संबंधित समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी। अनुपस्थित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सदन में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पास किया गया। प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने बीडीसी बैठक को गंभीरता से न लिए जाने पर चिंता जताते हुए इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग जिला प्रशासन से की।
शुक्रवार को द्वारीखाल विकासखंड सभागार में आयोजित बैठक में 54 प्रधानों और 17 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख छोटी देवी ने किया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, महत्वपूर्ण विभागों के अनुपस्थित रहने पर सदस्यों ने हंगामा खड़ा कर दिया। जल निगम, शिक्षा, उरेडा और पूर्ति विभाग के अधिकारियों के न होने से इन विभागों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी। बैठक में स्वजल, समाज कल्याण, कृषि और सिंचाई से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। कृषि और भूमि संरक्षण अधिकारी राजेंद्र कुमार ने कृषि कार्यक्रमों पर 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर चर्चा की। प्रधान ग्राम पंचायत गढ़कोट धमेंद्र जखमोला ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा गूल निर्माण की कार्यपूर्ति के संबंध में शिकायत की गई। कहा कि सिंचाई गूल का हेड टूट गया है, जिसके कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है।
लोक निर्माण विभाग की चर्चा में प्रेमलाल बडोला प्रधान ग्राम पंचायत ठठोली ने सड़क के मुआवजे के भुगतान का सवाल उठाया। प्रधान ग्राम पंचायत बमोली ने चैलूसैंण-देवीखेत मोटर मार्ग की खराब दशा के बारे में सवाल किया। कठूड़बड़ा के प्रधान ने गांव में पेयजल की समस्या की शिकायत की। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के सहायक अधिकारी सीपी धूलिया ने बताया कि 29 अक्तूबर को द्वारीखाल में सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए वृहद कैंप का आयोजन किया जाएगा। बैठक का संचालन बीडीओ रमेश सिंह और एडीओ मनमोहन सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।