किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के सिगड्डी ग्रोथ सेंटर स्थित कई फैक्ट्रियों की मनमानी ग्रामीण क्षेत्रों के मवेशियों और गोवंश की जान पर भारी पड़ रही है। फैक्ट्रियां अपनी मनमानी करते हुए सिडकुल से लगे वन क्षेत्र में कूड़ा-कचरा और अपशिष्ट फेंक रही हैं, जिसे मवेशी खाकर मौत के मुंह में जा रहे हैं। इस कचरे से कई मवेशी बीमार पड़ रहे हैं। वन्यजीवों के लिए भी यह जानलेवा बना है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस, प्रशासन और वन विभाग से इन फैक्ट्रियों की मनमानी पर लगाम लगाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जयदेवपुर की ग्राम प्रधान विमला जोशी, पंकज कपटियाल, विकास केष्टवाल, कमला देवी, चंद्रमोहन सती, आनंद केष्टवाल, वीरेंद्र सिंह राणा, जय प्रकाश कोटनाला व वीरेंद्र केष्टवाल का कहना है कि वर्तमान में सिडकुल ग्रोथ सेंटर स्थित कई फैक्ट्रियां अपनी फैक्ट्री का कूड़ा-कचरा, अपशिष्ट पदार्थ और केमिकल युक्त दूषित पानी वन क्षेत्र में डाल रहे हैं। यहां ग्रामीणों के पशु चरने के लिए जाते हैं। कहा कि वन क्षेत्र में चरने गए मवेशी इन फैक्ट्रियों द्वारा फेंके गए कूडा-कचरा, अपशिष्ट पदार्थ और केमिकल युक्त दूषित पानी का सेवन करके बीमार हो रहे हैं। कई मवेशी अब तक दम तोड़ चुके हैं। पिछले दिनों में स्थानीय निवासी सिबी देवी की गाय, मालती देवी की गाय, सोबन सिंह के चार मवेशी समेत कई ग्रामीणों के पशु गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। मोहनलाल केष्टवाल का एक बैल इस कचरे को खाकर मर गया है। सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक केएम नौटियाल का कहना है कि संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजे जाएंगे।
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