सूचना क्रांति के इस दौर में रिखणीखाल ब्लाक के 17 गांवों के लोग आज भी मोबाइल सेवा से वंचित हैं। क्षेत्र में बीएसएनएल ने सात साल पहले दो टावर तो स्थापित किए, लेकिन उनमें सिगनल की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे शोपीस बने हुए हैं। वर्ष 2012 में बीएसएनएल ने रिखणीखाल ब्लाक के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के कर्तिया और चपड़ैत में बीएसएनएल के टावर स्थापित किए थे। लेकिन, टावरों में बार-बार खराबी आने के कारण क्षेत्र वासियों को इन टावरों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र के चपड़ैत , कर्तिया, बसड़ा, बडोदा, तिमलसैंण, बराई, धूरा, डोबरिया, कुमाल्डी, झर्त, रथुवाढाब, ढिकोलिया, जुई पापड़ी, बंजादेवी, नौदानू, कांडानाला, दियोद सहित कई गांव के लोग मोबाइल सेवा से वंचित हैं। जिपं सदस्य कर्तिया विनयपाल सिंह नेगी, प्रधान बृजमोहन सिंह, दीपा देवी, प्रभुदयाल असवाल, शर्मीला देवी, महेंद्र सिंह, क्षेपं सदस्य नीलम रावत, विनीता ध्यानी, शबनम देवी, अशोक कुमार ने बीएसएनएल पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने क्षेत्र में मोबाइल सेवा बहाल करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उधर, बीएसएनएल के एसडीओ आरके कुकरेती ने बताया कि कर्तिया और चपड़ेत के टावरों में कुछ खामियां थी, उन्हें ठीक कर लिया गया है। कुछ गांव घाटी में होने के कारण वहां सिगनल नहीं पहुंचने की शिकायत मिली है, उसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।