कोटद्वार/नैनीडांडा। नैनीडांडा ब्लाक की 17 ग्राम पंचायतों के 43 राजस्व गांवों को पेयजल मुहैया कराने के लिए निर्माणाधीन नैनीडांडा पंपिंग पेयजल योजना का काम छह साल में भी पूरा न होने से जनप्रतिनिधि भड़के हुए हैं। ब्लाक प्रमुख रश्मि पटवाल ने जल निगम और ऊर्जा निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि योजना के निर्माण में अब और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 10 नवंबर को पूरे विकासखंड और लाभान्वित होने वाले गांवों के जनप्रतिनिधि नैनीडांडा में एकत्र होकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
ब्लाक प्रमुख रश्मि पटवाल का कहना है कि नैनीडांडा पंपिंग पेयजल योजना को एनडी तिवारी सरकार में मंजूरी प्रदान की गई। वर्ष 2012 में इसका निर्माण प्रारंभ किया गया। जल निगम कोटद्वार इसमें कार्यदायी एजेंसी बनी है, लेकिन छह साल में विभाग सिविल और मैकेनिकल पार्ट तक पूरा नहीं कर सका है। योजना के तीसरे भाग में बिजली की लाइनें बिछनी है, जिसमें पैसा मिलने के बावजूद ऊर्जा निगम की ओर से अनावश्यक देरी की जा रही है। अपोला सेरा के पास काली नदी से निर्माणाधीन इस योजना का काम कछुवा गति से चलने के कारण योजना की स्वीकृत लागत 17 से बढ़कर 30 करोड़ जा पहुंच गई है, लेकिन लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल सका है।
जल निगम की ओर से सिविल और मैकेनिकल वर्क पूरा कर लिया गया है। ऊर्जा निगम को लाइन और ट्रांसफार्मर के लिए पैसा दिया जा चुका है। बिजली उपलब्ध होते ही पंपिंग योजना से पेयजल उपलब्ध कराना शुरू कर दिया जाएगा। जनवरी, 2019 तक संपूर्ण योजना काम करना शुरू कर देगी।
-सरिता गुप्ता, ईई जल निगम कोटद्वार।
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