कोटद्वार। बीर बाला तीलू रौतेेली विचार मंच की ओर से आयोजित मयलगांव ग्रामोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। प्रवासियों ने क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए गांव के विकास का संकल्प लिया। तीन दिवसीय ग्रामोत्सव में गांव के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली चार महिलाओं को सम्मानित किया गया।
पोखड़ा ब्लाक के मयलगांव में आयोजित ग्रामोत्सव का समाजसेवी भगवान सिंह राणा ने शुभारंभ किया। प्रवासियों ने ढोल दमाऊं और मशकबीन के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ग्राम देवता का पूजन किया।
वयोवृद्ध राम सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामोत्सव के पहले दिन बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मंच के प्रवक्ता जगमोहन सिंह रावत, सयन सिंह रावत, राजपाल सिंह रावत और प्रो. अंजलि रावत ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि एक संस्कारिक और पढ़ी लिखी बेटी ही आगे चलकर एक सभ्य समाज की स्थापना कर सकती है। उन्होंने गांव की सभी बेटियों को अनिवार्य शिक्षा देने की अपील की।
ग्रामोत्सव में महिला मंगल दल की महिलाओं ने थड़िया व चौफला के माध्यम से गढ़वाली लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। संस्कृति विभाग की ओर से पहुंची लोक गायिका भारती रावत ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा बिखेरी। कुसुम रावत के जागरों की प्रस्तुति ने प्रवासियों को थिरकने पर मजबूर किया। बाल कलाकार संयम रावत के चुटकुलों ने दर्शकों को लोट पोट किया।
ग्रामोत्सव के अंतिम दिन समारोह के मुख्य अतिथि ने गांव के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए बीना रावत, कुसुम रावत, अंजू रावत व बीना रावत को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्य संयोजक महावीर सिंह रावत, जितेंद्र रावत, रतन सिंह रावत, दुर्गा प्रसाद, यशवंत सिंह, दिलवर सिंह, परवान सिंह, उम्मेद सिंह, महावीर सिंह, शिवेंद्र सिंह व प्रवीन सिंह आदि मौजूद थे।