कोटद्वार। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते बीरोखाल और रिखणीखाल ब्लाक की छह सड़कें बदहाल हैं। सड़कों पर पड़े गड्ढे, टूटे पुस्ते और क्षतिग्रस्त स्कपर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। वर्षों से लोग बदहाल सड़कों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग बजट का रोना रोकर पल्ला झाड़ रहा है। दोनों ब्लाकों ही हजारों की आबादी खतरे की जद में सफर करने को मजबूर है।
रिखणीखाल ब्लाक की मुख्य सड़क रिखणीखाल-किल्बोखाल-छानीखाल मोटर मार्ग की हालत दयनीय बनी हुई है। रिखणीखाल से नौ किमी सुंद्रोलीखाल तक सड़क पर गड्ढों के अलावा कुछ भी नहीं दिखाई देता। मार्ग पर बड़ी मुश्किल से वाहन चल रहे हैं, जिससे हमेशा ही दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। समाजसेवी अनिल रावत ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से विभाग को सड़क की मरम्मत की गुहार लगा रहे हैं, जनता दरबार और तहसील दिवसों में सड़क का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन मार्ग का डामरीकरण नहीं हो रहा है। इसके कारण लोगों में सरकार के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है।
उधर, बीरोखाल ब्लाक में मैठाणाघाट-रसियामहादेव मोटर मार्ग, मैठाणाघाट-तकुलसारी मोटर मार्ग, बैजरो- जोगीमड़ी मार्ग, बैजरो-मटेला-कमलिया मार्ग, बैजरो फरसाड़ी-बेदीखाल मोटर मार्ग पर लोग वर्षों से खतरे की जद में सफर कर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह पुस्ते टूटे हुए हैं, स्कपर क्षतिग्रस्त होने से वाहनों के दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय नागरिक केशवानंद देवरानी, रामेश्वर प्रसाद खंतवाल व राकेश सिंह रावत ने सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि एक ओर सरकार पलायन रोकने के लिए योजनाएं शुरू करने की बात कर रही है, ऊपर से लोग खतरे में अपने घरों को आवागमन कर रहे हैं।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रविशंकर यादव ने बताया कि सड़कों की बदहाली की जानकारी है। पूर्व में बजट के अभाव में कार्य नहीं हो पाए थे। वर्तमान में सड़कों पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।
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