कोटद्वार। आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की मांग को लेकर राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा ने बृहस्पतिवार को तीसरे दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में भेदभाव किया गया है। इससे आंदोलनकारियों में आक्रोश है। धरने पर बैठे वरिष्ठ आंदोलनकारी नंदन सिंह रावत ने कहा कि आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की मांग को गंभीरता से नहीं लिए जाने का आरोप लगाया। कहा कि वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत से मिलकर इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कहा कि सरकार ने जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलनकारियों को आमरण अनशन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
इस मौके पर गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, राजकुमार गुप्ता, कमल किशोर खंतवाल, राजेंद्र सिंह, प्रेम सिंह बिंदवाल, पार्वती, महेश नेगी, रामश्वरी देवी, मंजू कोटनाला, राकेश चंद्र लखेड़ा, राजकुमार माहेश्वरी, भूपाल सिंह, सुशीला, कृष्णा काला, कमला शाह, सरस्वती देवी, कमला चौहान, सुरेंद्र भाटिया, किशोर लाल, मनोज भंडारी, दिनेश रावत, रीना देवी, पूनम तिवारी, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।