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बोर्ड बैठक में छाए रहे बाढ़ सुरक्षा, पेयजल, स्ट्रीट लाइट के मुद्दे

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कोटद्वार। नगर निगम बोर्ड की बैठक में 40 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक शुरू से ही हंगामेदार रही। पार्षदों ने मानसून सिर पर होने के बावजूद मालन, पनियाली समेत कई नदियों में चैनलाइजेशन का काम शुरू नहीं होने पर गहरा रोष जताया। बैठक में मौजूद वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने वन विभाग, खनन और राजस्व विभाग को तीन चार दिन के भीतर संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने पेयजल की समस्या को देखते हुए गर्मियों तक ऊर्जा निगम और जल संस्थान से आपसी सामंजस्य बनाकर नलकूपों को विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
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शनिवार को मेयर हेमलता नेगी की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में सर्वप्रथम पिछली बैठक में हुई कार्यवाही की पुष्टि की गई। चर्चा के दौरान पार्षद गीता नेगी समेत अन्य पार्षदों ने नगर निगम में शामिल 35 ग्रामसभाओं में अभी तक स्ट्रीट लाइटेें नहीं लगने पर गहरा रोष जताया। कहा कि पंचायत भवनों और दस्तावेजों का हस्तांतरण भी अभी तक नहीं हुआ है। जवाब में सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने कहा कि स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासक के कार्यकाल में हुए 54 टेंडरों पर चर्चा करते हुए पार्षदों ने कहा कि अधिकांश सड़कें ठीक होने के बाद भी उनके फर्जी प्रस्तावों के आधार पर टेंडर जारी हुए हैं। पिछली दो बैठकों में टेंडर निरस्त करने का प्रस्ताव पास किया गया। कोषागार अधिकारी (टीओ) ऋचांशु शर्मा ने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर जांच चल रही है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि टेंडर निरस्त नहीं हुए तो पार्षद कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। पार्षदों ने 2.5 लाख से कम के कार्य वर्क ऑर्डर से कराए जाने की मांग उठाई।
भाबर के पार्षदों ने क्षतिग्रस्त गूलों की मरम्मत और सफाई नहीं होने और नदियों में मलबा भरने के बावजूद चैनलाइजेशन नहीं करने का मुद्दा उठाया। वन मंत्री ने इस संबंध में नगर निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आपस में बैठक करने का सुझाव दिया। नदियों के चैनलाइजेशन के लिए उन्होंने वन विभाग, खनन और राजस्व को संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। 50 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति पर चर्चा के दौरान पार्षदों ने आउटसोर्स से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति का विरोध करते हुए इसके लिए वार्डों में स्वच्छता समितियों का गठन करने के निर्देश दिए।
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पार्षद और जेई के बीच हुई तू-तू, मैं-मैं, हाथापाई की नौबत
नगर निगम की बोर्ड बैठक में कई बार हुआ हंगामा, कई मुद्दों पर भिड़े पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। शनिवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में कई बार जमकर हंगामा हुआ। पहली बार नगर निगम के कर्मचारी पंकज रावत को हटाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामा हुआ, जबकि दूसरी बार 54 टेंडरों को निरस्त करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सिमलचौड़ के मसले पर पार्षद विपिन डोबरियाल और जेई अखिलेश खंडूड़ी के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। अन्य पार्षदों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया।
नगर निगम की बैठक में गत 23 फरवरी को हुई पिछली बैठक की पुष्टि के दौरान एकाउंटेंट का कार्य देख रहे पंकज रावत को हटाने की मांग जैसे ही कांग्रेसी पार्षदों ने उठाई तो पार्षद मनोज पांथरी ने इसका पुरजोर विरोध किया। कहा कि नगर निगम का ढांचा नहीं होने के कारण पहले की कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। उनके यह कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। बाद में नगर आयुक्त/एसडीएम लैंसडौन अपर्णा ढौंडियाल और मेयर हेमलता नेगी ने पार्षदों को शांत कराया। बैठक में 54 टेंडरों को निरस्त करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पार्षद विपिन डोबरियाल ने पार्षद गिंदी दास के वार्ड की समस्या पर चर्चा के लिए उन्हें आगे बुलाया। पार्षद गिंदी दास ने कहा कि उनके वार्ड में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर भवन बनाए जा रहे हैं। अच्छी हालत की सड़क को रातोंरात उधेड़ दिया गया है। इसके बाद पार्षद विपिन डोबरियाल ने नगर निगम के जेई अखिलेश खंडूडी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की, जिस पर अखिलेश खंडूडी और पार्षद विपिन डोबरियाल के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई।
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