कोटद्वार। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत ग्रास्टनगंज स्थित रामलीला मैदान में योग शिविर और महिला सशक्तीकरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े योग साधकों और महिलाओं को बाल अपराध व महिला हिंसा के प्रति जागरूक किया गया। शिविर में स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास भी कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि जो महिलाएं अपनी परेशानियों का डटकर मुकाबला करती हैं, वही अपराजिता बनती हैं। महिलाओं को अपनी दिक्कतों से डरकर नहीं, बल्कि उनसे संघर्ष कर आगे बढ़ना होगा। इस दौरान महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार शाम भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के सहयोग से किया गया। अपराजिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कानूनी सलाहकार राखी पाल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कहा कि अक्सर महिलाएं अपने ऊपर घरेलू हिंसा या अन्य परेशानियों से तनाव में आकर गलत कदम उठा लेती हैं। ऐसे में परेशानियों से डरकर नहीं, बल्कि उनसे संघर्ष कर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। अपनी परेशानियों को दूसरी महिलाओं से साझा करना चाहिए, जिससे समस्या का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने महिलाओं को जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। कहा कि महिलाओं को उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए प्राधिकरण की ओर से निशुल्क वकील भी मुहैया कराया जाता है। यह सुविधा महिलाओं के अलावा 18 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 की उम्र पार कर चुके लोगों को भी दी जाती है।
भारत स्वाभिमान न्यास की मुख्य योग शिक्षिका आशा रावत और युवा प्रभारी विजयपाल सिंह नेगी ने कहा कि महिलाओं का जागरूक होने के साथ स्वस्थ रहना भी जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अनेक बीमारियों को दूर करने वाले योगासनों का अभ्यास कराया।
इस अवसर पर रोशनी देवी, सोनिया ध्यानी, सुनीता बिष्ट, अमिता पसबोला, कमला देवी, विमल कौर, विजय लक्ष्मी, माहेश्वरी देवी, सुशीला कपटियाल, मालती भंडारी, इंदू जोशी, प्रीति पोखरियाल, बीना देवी, रेखा रावत, सरोजनी देवी, उर्मिला देवी, सुषमा ध्यानी, सावित्री ठाकुर व जशोदा देवी समेत 68 प्रतिभागी मौजूद रहे।
अपराजिता कार्यक्रम को सराहा
भारत स्वाभिमान न्यास की सह जिला प्रभारी उषा असवाल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ दूसरी महिलाओं की मदद के लिए भी आगे आना होगा। अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है, जो महिला सुरक्षा और उन्हें जागरूक करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।