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वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड का एक शूटर गिरफ्तार, दूसरे की तलाश

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कोटद्वार। कोटद्वार के बहुचर्चित वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड में पुलिस ने बागपत निवासी एक शूटर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पुलिस ने हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल और एक कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने उसे यूपी के बिजनौर जिले के नजीबाबाद शहर से दबोचा है। शूटर के दूसरे साथी की तलाश की जा रही है। वह घर से फरार चल रहा है। पुलिस ने शूटर का बेस अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 की न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
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13 सितंबर, 2017 को दिन दहाड़े हुए वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड का पुलिस ने गत 12 मई को खुलासा किया था। इस मामले में गठित एसआईटी और कोटद्वार पुलिस अब तक तीन हत्यारोपियों विनोद लाला, सर्वेश्वर उर्फ डब्बू और सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी अमित नेगी ने कोर्ट में सरेंडर किया था। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि शूटरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस की टीम ने शनिवार की रात करीब पौने ग्यारह बजे एक शूटर दीपक मान पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी ख्वाजा नगला थाना छपरौली जिला बागपत उत्तर प्रदेश को नजीबाबाद रोडवेज बस अड्डे से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल और एक कारतूस बरामद किया गया है। दूसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना कर दी गई है। पुलिस ने दीपक मान से हुई पूछताछ का हवाला देते हुए बताया कि अल्मोड़ा जेल में बंद रुपेश त्यागी उर्फ अमित त्यागी के कहने पर वह अपने साथी के साथ कोटद्वार आया और सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी से मिला। सूरी ने उन्हें पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराए और सुशील रघुवंशी का घर भी दिखाया। हत्याकांड के दिन सुबह 10 बजे वे सुशील रघुवंशी के घर के बाहर उसका पहले से ही इंतजार कर रहे थे। उसके बाहर निकलते ही वे मोटरसाइकिल से सुशील रघुवंशी की ओर बढ़े और थोड़ा आगे बढ़ते हुए उस पर फायर झोंक दिए। गोली लगते ही सुशील रघुवंशी बाइक समेत नीचे गिर गया। इस दौरान उनका एक कारतूस भी घटनास्थल पर जमीन पर गिर गया था। कोतवाल ने बताया कि रघुवंशी पर गोली दीपक मान ने ही चलाई थी, जबकि उसका साथी मोटरसाइकिल चला रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए भी मुखबिरों का जाल बिछाया गया है। शूटर दीपक मान को गिरफ्तार करने वाली टीम में मनोज रतूड़ी, एसआई रफत अली, कांस्टेबल सुनित कुमार और अमरजीत शामिल रहे।

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रघुवंशी की हत्या के लिए दी गई थी 25 लाख की सुपारी
मास्टर माइंड रुपेश तक पहुंचे केवल सात लाख
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि वकील रघुवंशी हत्याकांड को अंजाम देने के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। अब तक की पूछताछ में यह बात सामने आई है।
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उन्होेंने बताया कि हत्याकांड का मास्टर माइंड रूपेश त्यागी है, जो वर्तमान में अल्मोड़ा जेल में बंद है। पुलिस ने गत 25 मई को कोर्ट के आदेश पर उससे अल्मोड़ा जेल में ही पूछताछ की थी। इसमें उसने 25 लाख रुपये की सुपारी तय होने की बात बताई, लेकिन पूरा पैसा उसके पास नहीं पहुंचा। रुपेश के गुर्गों के पास केवल सात लाख रुपये पहुंचे थे। इसमें से दो लाख शूटरों को देने तय हुए थे। बाकी पैसा बाद में देने की बात कर शूटरों को 50 हजार रुपये मुहैया कराए गए। उन्होंने बताया कि हत्यारोपियों से रुपेश की डील सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी के जरिए हुई। इसमें सर्वेश्वर उर्फ डब्बू की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कोतवाल ने बताया कि शूटर दीपक मान और उसका साथी हत्याकांड को अंजाम देने के लिए 22 मई, 2017 की रात कोटद्वार में रुके थे। 23 मई को उन्होंने वकील रघुवंशी को घर से लेकर तहसील और कोर्ट तक तलाशा, लेकिन रघुवंशी शहर से बाहर होने के कारण नहीं दिखे। वह उस दिन भी हत्या करने के इरादे से कोटद्वार पहुंचे थे।
कोतवाल मनोज रतूड़ी और एसएसआई प्रदीप सिंह नेगी ने बताया कि 25 वर्षीय शूटर दीपक मान पेशेवर शूटर है। उसका आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और चोरी समेत चार मुकदमे हरिद्वार जिले में चल रहे हैं। उत्तराखंड और यूपी में वह कई वारदातों में शामिल बताया जा रहा है। सुशील रघुवंशी हत्याकांड के बाद वह भूमिगत हो गया था।
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