कोटद्वार। वन प्रभाग के लैंसडौन रेंज के अंतर्गत सतपुली तहसील के कठूड़ गांव में वन तस्कर ने खैर के 55 हरे पेड़ बिना अनुमति के कटवा डाले हैं। सूचना मिलने पर हरकत में आए वन विभाग ने गांव में छापा मारकर मौके से तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया जबकि पांच मौके से फरार हो गए। विभाग ने खेत में काटी गई खैर की 200 कुंतल लकड़ी कब्जे में ले ली है। बाजार में इसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
लैंसडौन रेंज के डिप्टी रेंजर अनुराग जुयाल ने बताया कि कठूड़ गांव में अवैध रूप से बड़ी संख्या में खैर के पेड़ काटे जाने की सूचना मिली थी। बुधवार को रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला के निर्देशन में गांव में छापा मारा गया। जैसे ही वह वन कर्मियों को लेकर गांव की सीमा में पहुंचे, तो खैर के पेड़ों के ढेर दिखे। गांव में पहुंचने पर करीब आठ लोग पेड़ की छाल उतारते और पेड़ के टुकड़े करने में लगे थे। वन कर्मियों ने तीन लोगों ओडल गांव निवासी मुंशी लक्ष्मण सिंह उर्फ मुन्ना, यूपी के बिजनौर जिले के साहनपुर गांव निवासी शमीम, हिमाचल प्रदेश निवासी मनोज को दबोच लिया। इस दौरान पांच लोग भागने में कामयाब हो गए। पकड़े गए आरोपियों से सात कुल्हाड़ी बरामद की गई है। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे कोटद्वार के ठेकेदार आनंद थपलियाल के लिए लकड़ी काट रहे थे।
उधर, रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि कठूड़ गांव में की गई छानबीन में 55 खैर के हरे पेड़ों को काटने की पुष्टि हुई है। मुख्य आरोपी ठेकेदार आनंद थपलियाल के अलावा पकड़े गए तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
ग्रामीणों को गुमराह
कोटद्वार। कठूड़ गांव में अवैध रूप से काटे गए खैर के पेड़ों की पूछताछ में गांव वालों ने चौंकाने वाली जानकारी दी। डिप्टी रेंजर अनुराग जुयाल ने बताया कि गांव के लोगों ने बताया कि ठेकेदार आनंद थपलियाल खैर के पेड़ काटने से पूर्व एक व्यक्ति को वन दरोगा बनाकर गांव वालों के सामने ले गया और उनको पेड़ काटने की अनुमति के फर्जी कागजात दिखाए।