कोटद्वार। सिडकुल के जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार शाम को हुए विस्फोट और इसमें दो श्रमिकों की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस और प्रशासन ने जांच पूरी होने तक फैक्ट्री को बंद रखने के निर्देश प्रबंधन को दिए हैं। बुधवार को घटनास्थल के निरीक्षण में पुलिस की बम निरोधक और डॉग स्क्वॉड टीम विस्फोटक का कोई अंश नहीं मिला है, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला दृव्य और केमिकल के आग के संपर्क में आकर विस्फोट का लग रहा है।
कोतवाल मनोज रतूड़ी और चौकी इंचार्ज विवेक राठी ने बताया कि बुधवार को उत्तराखंड पुलिस की बम निरोधक और डॉग स्क्वॉड (बीडीएस) की टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने लिए। जिस बॉक्स में गैस कटर से कटिंग की बात की जा रही थी, उसका एक हिस्सा भी टीम ने अपने कब्जे में लिया। बीडीएस ने उन स्थानों का भी बारीकी से निरीक्षण किया, जहां विस्फोट से मृतकों के क्षत-विक्षत अंग गिरे थे। कोतवाल ने बताया कि घटनाक्रम की हर एंगल से जांच की जा रही है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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कारखाना अधिनियम 1948 के तहत भी होगी कार्रवाई
कण्वघाटी। जशोधरपुर स्थित स्टील प्लांटों में कारखाना अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों के साथ ही श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच के लिए संयुक्त कमेटी गठित कर दी गई है। बुधवार को सहायक कारखाना निदेशक अरविंद नागियान ने जशोधरपुर स्थित पीएल स्टील फैक्ट्री का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की। उन्होंने बताया कि स्टील प्लांट में सभी तरह के मानकों की अनदेखी की गई है। सुरक्षा मानकों का अनुपालन न होने पर उन्होंने विधिक कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
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डीएम ने श्रमायुक्त को दिए जांच के आदेश, टीम गठित
कण्वघाटी। एसडीएम कमलेश मेहता ने बताया कि जिलाधिकारी ने स्टील प्लांट में हुए विस्फोट और श्रमिकों की मौत के मामले में सहायक श्रमायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए सहायक श्रमायुक्त केके गुप्ता ने श्रम प्रर्वतन अधिकारी कोटद्वार और हरिद्वार की संयुक्त टीम गठित की है। इस समिति को तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। संयुक्त टीम विस्फोट वाली फैक्ट्री में श्रम कानूनों के साथ ही सुरक्षा मामलों की जांच भी करेगी। उधर, क्षेत्र के समाजसेवी देशबंधु गढ़वाली और ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने स्टील प्लांटों में हो रही श्रम और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए विस्तृत जांच की मांग जिला प्रशासन से की है।