कोटद्वार। घाड़ क्षेत्र में हाथी की दहशत ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया हैै। वह आए दिन गांव में धमककर लोगों की सब्जी के खेतों को चट कर रहा है। इसके कारण लोग परेशान हैं। उन्होंने हाथी की रोकथाम के लिए वन विभाग से गुहार लगाई है।
लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा से सटी घाड़ क्षेत्र की गांव रामणी, धूराताल, पुलिंडा व बल्ली ग्राम पंचायत के लोग सब्जी उत्पादन कर अपना गुजारा करते हैं। वहां उगने वाली मूली, आलू, लहसुन, अदरक और हरी सब्जियों के अलावा पहाड़ी दाल कोटद्वार में सप्लाई होती है, लेकिन कुछ समय से इस क्षेत्र में हाथी धमककर लोगों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
स्थानीय नागरिक रमेश भंडारी, राजेंद्र सिंह नेगी, जसपाल सिंह, सुधीर सिंह व बृजमोहन सिंह ने वन विभाग पर हाथी की रोकथाम नहीं करने का आरोप लगाया। कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बिना सरकारी मदद के सब्जी-दाल उत्पादन कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, लेकिन हाथी उनकी खेती को चट कर नष्ट कर रहे हैं। भगाने पर वे लोगों के पीछे दौड़ लगा रहे हैं। हाथी की दहशत से लोग डरे हुए हैं। उन्होंने पहले गेहूं-धान की खेती छोड़ी। अब सब्जी पर भी संकट छाने लगा है। इसके कारण उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। कई बार वन विभाग को शिकायत करने के बाद भी हाथी को रोकने की कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ संतराम ने बताया कि घाड़ क्षेत्र में हाथी की आमद रोकने के लिए इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई जाएगी।