कोटद्वार। राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में गिरावट पर चर्चा की। उन्होंने सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या के लिए प्रदेश सरकार की गलत नीतियां को जिम्मेदार बताया। कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गिरावट के लिए केवल शिक्षक ही दोषी नहीं हैं, शिक्षकों को दोष देने के बजाय इसमें सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।
शनिवार को जीआईसी कोटद्वार स्थित संगठन कार्यालय में हुई बैठक में जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या का मुख्य कारण गांवों से लोगों का पलायन है। यह पलायन केवल शिक्षा की कमी से ही नहीं बल्कि वहां पर मूलभूत सुविधाओं के न होने से भी हो रहा है। सुविधाओं के अभाव में सरकारी स्कूलों के लिए लोगों के मन में झिझक बनी रहती है। इसके लिए अभिभावक अपने पाल्यों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में नहीं कराते हैं।
कहा गया कि केवल सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों में विश्वास की कमी एक कारण होता तो मैदानी क्षेत्रों के विद्यालयों में भी छात्र संख्या में कमी आती, लेकिन ऐसा नहीं है। मैदानी विद्यालयों में छात्र संख्या पहले से भी अच्छी होती जा रही है। शिक्षा में आई गिरावट का मुख्य कारण सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए पारदर्शी स्थानांतरण एक्ट का न होना और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं न होना भी है। इसके अलावा राजकीय शिक्षकों से तमाम राष्ट्रीय कार्यक्रम समेत अन्य कार्य भी लिए जा रहे हैं।
बैठक में अब्बल सिंह रावत, मनमोहन सिंह चौहान, आशीष, राजेंद्र कुमार भंडारी, राजेश कुकरेती, रतन सिंह, जगदीश जोशी, रविंद्र रावत, मुकेश रावत, देवेंद्र राजपूत, पंकज शर्मा, विक्रम नेगी, सुरेंद्र रावत, डब्बल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।