दुगड्डा। सिंचाई विभाग की बेरुखी के चलते खोह नदी के किनारे बसे दुगड्डा ब्लॉक के ऐता गांव का अस्तित्व खतरे में है। खोह नदी पिछले तीन दशक से गांव की जमीन को काट रही है और संरक्षण के प्रति शासन और सिंचाई विभाग उदासीन है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 534 से सटा हुआ राजस्व ग्राम ऐता से सटे खेत हर वर्ष बरसात में बह जाते हैं। नदी का रुख ग्रामीणों के घरों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को खोह नदी के उफान से गांव के बहने की चिंता सता रही है।
ग्रामीण सतीश नेगी, गंभीर सिंह नेगी, मंगेश नेगी, राजेंद्र सिंह नेगी, विवेक नेगी, चंपा नेगी ने शासन और सिंचाई विभाग पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गांव की भूमि उपजाऊ है, लेकिन खोह नदी प्रतिवर्ष फसलों को बहा ले जाती है इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। बाढ़ सुरक्षा उपाय नहीं किए जाने से खोह नदी का रुख गांव की ओर हो गया है।
वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर मोह कहते हैं कि ऐता गांव में नदी से भूकटाव का मामला संज्ञान में है। कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए 108.15 लाख का आगणन तैयार कर नाबार्ड को भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर अगली कार्यवाही की जाएगी।
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