कोटद्वार। अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों का धरना-प्रदर्शन 29वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की। समाचार पत्रों में आशाओं को लेकर सीएमओ पौड़ी द्वारा दिए गए बयान पर आशाएं भड़क गईं। उन्होंने सीएमओ के खिलाफ प्रदर्शन कर बयान वापस लेने की मांग की। बयान वापस नहीं लेने पर सीएमओ कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी।
मंगलवार को संगठन की अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में दुगड्डा ब्लाक की आशा कार्यकत्री तहसील में एकत्र हुईं। उन्होंने सीएमओ के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी नहीं हैं। इसको लेकर उन्होंने सीएमओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। आशाओं ने कहा कि वे सभी कार्य स्वास्थ्य विभाग के लिए करती हैं। उन्हें उनके कार्य का भुगतान भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाता है। भले ही उनका चयन ग्राम प्रधान द्वारा किया गया है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग माता और शिशु मृत्यु दर कम करने में आशाओं की मदद लेता है। मिजिल्स रूबेला प्रोग्राम के तहत आशाओं से बच्चों की लिस्ट मांगी गई है। ऐसेे में सीएमओ का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसकी निंदा की जाती है। उन्होंने शीघ्र स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित कर निश्चित वेतनमान दिए जाने की मांग की। चेताया कि ऐसा नहीं हुआ तो आशाएं उग्र आंदोलन को बाध्य होंगी।
इस अवसर पर संगठन की उपाध्यक्ष मीरा नेगी, सचिव रंजना कोटनाला, भागीरथी भंडारी, ऊषा देवी, सीमा शाही, धनेश्वरी देवी, नीलम कुकरेेती, विजयलक्ष्मी, सरोज जदली, सुमन राठौर, भागेश्वरी, विमला जोशी, ज्योति रावत, अनीता घिल्डियाल, दीपा गुसाईं, ममता नेगी व मुन्नी डबराल आदि मौजूद थे।
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