जिले के 15 ब्लाकों से एक-एक गांवों को मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए चयनित किया गया है। जिला प्रशासन ने इन गांवों को हाईटेक सुविधा से जोड़ने की कवायद शुुरू कर दी है। सोमवार को विकास भवन में सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें उन्होंने चयनित गांवों के विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए विभागों को निर्देश दिया है। इस मौके पर सीडीओ ने बैठक में नदारद रहे अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई।
बैठक में बताया कि इन गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं तो होंगी, साथ ही इन गांवों को कंप्यूटर व इंटरनेट सुविधाओं से भी लैस किया जाएगा। सीडीओ रावत ने विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए विभागों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग को आदर्श गांव के विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल मैदान और फर्नीचर आदि उपलब्ध करने के भी निर्देश दिए हैं।
ये गांव हुए आदर्श गांव
पौड़ी। कोट ब्लाक में कुंडी, कल्जीखाल में घंडियाल, पौड़ी में उफल्डा, पाबौ में बिडोली, थलीसैंण में पाटुली, बीरोंखाल में सिली मल्ली, द्वारीखाल में सुराड़ी, दुगड्डा में ग्रास्टगंज, जयहरीखाल में सिलवाड़, एकेश्वर में धरासू, रिखणीखाल में झर्त, यमकेश्वर में काण्डी, नैनीडांडा में पीपली, पोखड़ा में किमगड़ी व ब्लॉक खिर्सू में स्वीत ग्राम पंचायत को शामिल किया गया है।