संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। बीती आठ अगस्त से अब तक जारी अतिवृष्टि से दुगड्डा, द्वारीखाल और यमकेश्वर विकासखंडों में दो दर्जन से ज्यादा सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल पीएमजीएसवाई की सड़कों का है। स्यालनी जौरासी मोटर मार्ग, देवराना-तिमल्याणी व कसाण मोटर मार्ग पर पैदल आवाजाही भी मुश्किल हो गई है। बल्ली के पास उर्तिच्छा में मुख्य मार्ग ढह गया है। जिससे यहां पर लोग पहाड़ी पर चढ़कर आरपार जा रहे हैं। सड़क टूटने से घाड़ क्षेत्र के दर्जनभर गांवों का आवागमन ठप पड़ा है।
यमकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत कांडी-शीला-फेडुवा, कसाण मोटर मार्ग, दुगड्डा के सिमलना क्षेत्र में चूना महेडा़ , ग्राम सभा जौरासी, केष्टा, स्यालनी, धूरा भरपूर समेत आसपास के इलाके आपदा से बुरी तरह प्रभावित हैं। क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि चंडीप्रसाद कुकरेती ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कंडियालगांव से मवासा सड़क तक पहुंचने का आम रास्ता भी तबाह हो गया है।
सिद्धपीठ महाबगढ़ से ग्राम खुण्डरा होते हुए इंटर कालेज पोखरी अजमीर का मुख्य मार्ग कई जगह आपदा की चपेट में आ गया है। कांडी से शीला फेडुवा मार्ग, स्यालनी जौरासी व ग्राम देवराना में धारकोट तिमल्याणी मोटर मार्ग भी धंस गया है। कई जगह पहाड़ी से भूस्खलन होने से मलबा आया है।
घाड़ क्षेत्र का मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने से कांडई, ग्वीराला, मथाणा, चौंडली, बल्ली, मैतीकाटल समेत दर्जनभर गांवों का सड़क संपर्क कोटद्वार से कट गया है। ग्रामीण देवेंद्र सिंह, सैयद अहमद, सुरेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह, चंद्रमोहन रावत का कहना है कि कोटद्वार बल्ली मार्ग को मथाणा और कांडई तक खोलने के लिए जल्द काम करने की जरूरत है।
पीएमजीएसवाई की यमकेश्वर और दुगड्डा क्षेत्र में 15 सड़कें बाधित हैं। तीन सड़कें ध्वस्त हो गई हैं। बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई है। फिलहाल फोकस मलबा हटाकर यातायात बहाल करने पर है। स्थायी काम बरसात के बाद में कराए जाएंगेे।
-सुधीर ममगाईं, ईई पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार।
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